इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने सोयाबीन किसानों के लिए नई कृषि एडवाइजरी जारी की है। जानें सही बीज दर, कतार दूरी, बीजोपचार और प्रति हेक्टेयर उर्वरक की अनुशंसित मात्रा।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर ने राज्य स्तरीय कृषि निर्देशिका जारी करते हुए किसानों को मौसम के अनुसार सोयाबीन की बुवाई वैज्ञानिक तरीके से करने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है, जिसे सोयाबीन की बुवाई के लिए अनुकूल माना गया है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की है कि वे इस मौसम का लाभ उठाते हुए सीधी बुवाई और कतार बोनी का कार्य समय पर पूरा करें, ताकि बेहतर अंकुरण और अधिक उत्पादन प्राप्त हो सके।
सोयाबीन की कतार बोनी और सही बीज दर
विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार, समृद्ध खेती और भरपूर फसल के लिए सही मात्रा में बीज और सही दूरी का होना बेहद जरूरी है:
- प्रति हेक्टेयर बीज दर: किसानों को प्रति हेक्टेयर 65 से 75 किलोग्राम बीज दर का उपयोग करना चाहिए।
- बुवाई का तरीका: बेहतर फसल प्रबंधन के लिए बुवाई हमेशा कतारों (पंक्तियों) में ही करें।
- दूरी का गणित: कतार से कतार की दूरी 45 सेंटीमीटर तथा पौधे से पौधे की दूरी 7 से 10 सेंटीमीटर रखना अनिवार्य है।
बुवाई से पहले जरूर करें बीजोपचार
फसल को शुरुआती दौर में कीटों, फफूंद और रोगों से सुरक्षित रखने के लिए बीजोपचार को सबसे महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे बुवाई से पहले निम्नलिखित जैविक कल्चर से बीजोपचार जरूर करें:
वैज्ञानिक सलाह: सोयाबीन के बीजों को राइजोबियम कल्चर (5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज) तथा पी.एस.बी. (10 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज) की दर से अच्छी तरह उपचारित करने के बाद ही खेतों में बोएं।
प्रति हेक्टेयर कितनी खाद डालें?
भूमि की सेहत बनाए रखने और पौधों के समुचित पोषण के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने संतुलित खाद (उर्वरक) की मात्रा निर्धारित की है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, किसानों को प्रति हेक्टेयर केवल इतनी ही मात्रा का प्रयोग करना चाहिए:
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पोषक तत्व |
निर्धारित मात्रा (प्रति हेक्टेयर) |
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नत्रजन (नाइट्रोजन) |
20 से 25 किलोग्राम |
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स्फुर (फास्फोरस) |
60 से 80 किलोग्राम |
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पोटाश |
30 से 40 किलोग्राम |
मौसम का लाभ उठाने की सलाह
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में राज्य में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
ऐसे में वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि खेत की पर्याप्त नमी का लाभ उठाते हुए समय पर बुवाई पूरी करें।
किसानों के लिए मुख्य सुझाव
- समय पर कतार बोनी करें।
- 65–75 किलोग्राम बीज प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें।
- बीजोपचार किए बिना बुवाई न करें।
- अनुशंसित उर्वरक मात्रा का ही प्रयोग करें।
- खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें।
- मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें।
