किसानों को मक्का की फसल में उत्पादन व दाम ज्यादा मिल रहे
धामनोद. क्षेत्र के किसान पूर्व में डॉलर चने की फसल लगाकर लाभान्वित होते थे, लेकिन कुछ वर्षों से अब किसानों का डॉलर चने की फसल के प्रति रुझान कम हो गया और मक्का व गेहूं की फसल के प्रति बढ़ा है।
जिससे क्षेत्र में अब डॉलर बद की फसल की बजाय किसान मक्का और गेहूं की फसल की बुआई में रुचि दिखा रहे हैं।
किसान दयाराम पाटीदार ने बताया कि पूर्व में 8 से 10 वर्ष पहले डॉलर चने का उत्पादन एक बीघा में 8 से 10 प्रति क्विटल था।
प्रति क्विटल के हिसाब से भाव भी 15000 से 18000 रुपए के मिलते थे लेकिन विगत कुछ वर्षों से भाव भी 8000 से 10000 तक सीमित रह गए।
ऐसे में किसानों की रुचि अब डॉलर चने की बुवाई से हटकर मक्का के प्रति बढ़ी है।
एक जैसी फसल की बोवनी से रकबा घटा
किसान धर्मेंद्र कुशवाहा ने बताया कि एक जैसी फसल बोने से डालर चने का रकबा घट गया है। साथ फसलों में वायरस लगने से फसले बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
ऐसे में किसान अब डॉलर चने की बुवाई से दूरी बनाने लगे हैं। कुछ किसानों ने यह भी बताया कि विगत कुछ वर्षों से भाव भी आशा अनुरूप नहीं मिल पा रहे।
मक्का की वो फसल बो रहे किसान
किसानों ने बताया कि मक्का में रकबा बढ़ा है। प्रति बीघा मक्का में अब से भी अष्टन की रहे हैं। ऐसे में किसानों की रुझान मक्का की फसल के प्रति अधिक हो रही है।
पूर्व में किसान मक्का की फसल सिर्फ बरसात में बोते की लेकिन पिछले कुछ वर्षों से क्षेत्र में मक्का की ली लगाई जा रही है।
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