टमाटर के फटने को इस तरह रोकें, बढ़ेगा उत्पादन

‘फूट कैकिंग’: अचानक ज्यादा नहीं दें पानी

पौधों पर टमाटर के फट जाने से या दरार आने से उपज को नुकसान पहुंचता है। कीमत भी कम हो जाती है।

टमाटर के फटने को ‘फुट क्रैकिंग’ कहा जाता है। इसके पीछे कई कारण हैं, जब सूखे की लंबी अवधि के बाद पौधे को अचानक बहुत अधिक पानी मिलता है, तो फल के अंदर का गूदा (पल्प) बाहरी त्वचा (स्किन) की तुलना में तेजी से फैलता है।

यह तेज आंतरिक दबाव बाहरी त्वचा को फाड़ देता है। दिन-रात के तापमान में बड़ा अंतर भी फल पर दबाव डालता है।

कैल्शियम और बोरोन जैसे पोषक तत्त्वों की कमी से फल की त्वचा की लोच कम हो जाती है, जिससे फटने का खतरा बढ़ता है।

 

मल्चिंग है महत्त्वपूर्ण

इससे निपटने के लिए थोड़ी-थोड़ी मात्रा में, लेकिन नियमित रूप से पानी दें। अचानक ज्यादा पानी देने से बचें। गर्म मौसम में पानी की मात्रा बढ़ाएं। ठंडे मौसम में घटाएं।

मल्चिंग का उपयोग करें। यह मिट्टी की नमी को बनाए रखने, तापमान को स्थिर रखने में मदद करता है। मिट्टी की जांच कराएं और सुनिश्चित करें कि उसमें पर्याप्त कैल्शियम और बोरॉन है।

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