ई-टोकन प्रणाली से किसानों को खाद मिलना शुरू, मिली राहत

पहले दिन 7 किसानों का पंजीकरण हुआ

मनावर. किसानों को ई टोकन प्रणाली से खाद का वितरण शुरू हो गया है। इस प्रणाली के तहत विकासखंड के पहले किसान ने मोबाइल के माध्यम से ई-टोकन का उपयोग कर यूरिया खाद प्राप्त किया।

योजना का लाभ उठाने वाले पहले किसान कल्याणपुरा गाय के नाहराम बेनल है। उन्होंने ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से अपना पंजीकरण करवाया था।

उन्हें 18 बीघा खेती के लिए 266 रुपए प्रति बोरी की दर से 15 बोरी यूरिया खाद दी गई।

दुकान संचालक पारस खाटोह ने बताया कि पहले दिन 7 किसानों का पंजीकरण हुआ है। इन किसानों को कुल 127 बोरी यूरिया खाद वितरित की जाएगी।

 

एग्री स्टैक पोर्टल से ली जानकारी

कृषि विभाग के एसडीओ नहेश बर्मन ने बताया कि किसानों की भूमिका क्षेत्रफल और फसल के प्रकार जैसी जानकारी एसी स्टैक पोर्टल से प्र की जाती है। इसी आधार पर उर्वरक की आवश्यकता का अनुमान लगाबो जाता है।

इसके लिए किसान को फार्मर रजिस्ट्री या फार्मर आईडी बनान अनिवार्य है। यह आईडी क्षेत्र के पटवारी या लोकाल यूथ से संपर्क कर बनवाई जा सकती है।

 

तीन दिन तक वैध रहता है टोकन

किसान गंगाराम बेनल ने बताया कि नए साल से प्रारंभ हुई ई-विकास प्रणाली से लाभ मिला है। उन्होंने अन्य किसानों को भी योजना का लाभ लेने की अपील की।

बेनल ने बताया कि खाद का टोकन 3 दिनों के लिए वैध होता है। यदि किसान इस अवधि में खाद नहीं लेता, तो टोक़न रद्द हो जाता है और उसे नया टोकन जारी कराना पड़ता है।

किसान मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल या कॉल सेंटर के माध्यम से अपना टोकन प्राप्त कर सकते हैं।