महिलाओं को 5,000 रुपए महीना देगी मध्यप्रदेश सरकार

कम ब्याज पर लोन की भी मिलेगी सुविधा

मध्य प्रदेश सरकार लगातार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नई-नई योजनाएं और सुविधाएं लेकर आ रही है।

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में लाडली बहना योजना की 32वीं किस्त जारी करने के अवसर पर महिलाओं को कई बड़ी सौगातों की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि महिलाओं को हर महीने 5,000 रुपए की आय कैसे संभव होगी, साथ ही कम ब्याज पर लोन और रजिस्ट्री में छूट जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

 

लाडली बहना योजना के तहत मिल रहे 1500 रुपए

फिलहाल मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही है।

यह योजना राज्य की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बनी हुई है। 32वीं किस्त जारी करते समय मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल सहायता राशि तक सीमित न रखकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

 

महिलाओं को 5000 रुपए कैसे मिलेंगे

सीएम मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से सीधे सभी महिलाओं को 5000 रुपए नकद नहीं दिए जाएंगे, बल्कि यह राशि रोजगार और उद्योग से जोड़कर मिलेगी।

उन्होंने बताया कि अगर कोई महिला फैक्ट्री में काम करती है या रोजगार से जुड़ती है, तो सरकार की ओर से उसे अलग से 5000 रुपए तक की सहायता दी जाएगी। 

इसका उद्देश्य महिलाओं को नौकरी, उद्योग और स्वरोजगार की ओर प्रोत्साहित करना है।

 

फैक्ट्री खोलने पर मिलेगा कम ब्याज पर लोन

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि यदि राज्य की महिलाएं फैक्ट्री या उद्योग शुरू करती हैं, तो उन्हें बैंक लोन पर ब्याज में छूट दी जाएगी।

इससे महिलाओं के लिए अपना व्यवसाय शुरू करना आसान होगा और उन्हें आर्थिक बोझ कम महसूस होगा।

यह कदम महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

 

मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए खुशखबरी

सरकार का मानना है कि जब महिलाएं खुद का रोजगार शुरू करेंगी या उद्योग से जुड़ेंगी, तो न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि परिवार और समाज की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

यही वजह है कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखकर रोजगार से जोड़ने पर जोर दे रही है।

 

महिलाओं को रजिस्ट्री पर 2 फीसदी की छूट

लाडली बहना योजना की 32वीं किस्त जारी करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने महिलाओं को एक और बड़ी राहत देने की घोषणा की।

उन्होंने बताया कि अगर घर या जमीन महिलाओं के नाम पर खरीदी जाती है, तो रजिस्ट्री शुल्क में 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

इससे महिलाओं को संपत्ति में मालिकाना हक मिलेगा और वे आर्थिक रूप से और मजबूत बनेंगी।

 

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

1500 रुपए की मासिक सहायता, रोजगार से जुड़ने पर 5000 रुपए तक की सहायता, फैक्ट्री खोलने पर ब्याज में छूट और रजिस्ट्री में राहत, ये सभी घोषणाएं मिलकर मध्य प्रदेश सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति को मजबूत करती हैं।

सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर नागरिक बनाना है।

 

किन महिलाओं को मिलेगा लाभ इन योजनाओं का लाभ

इन सरकारी योजनाओं का लाभ वही महिलाएं उठा सकेंगी जो लाडली बहना योजना की पात्र लाभार्थी हैं और रोजगार, फैक्ट्री या उद्योग से जुड़ने की इच्छुक हैं।

राज्य सरकार की तय शर्तों और नियमों को पूरा करती हैं। आने वाले समय में सरकार इन घोषणाओं को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश और प्रक्रिया भी जारी कर सकती है।

 कुल मिलाकर मुख्यमंत्री मोहन यादव की ये घोषणाएं मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं।