किसानों को मिली भावांतर योजना की अंतिम किस्त
सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर में ‘अन्नदाता सम्मान समारोह’ के दौरान सोयाबीन भावांतर योजना की अंतिम किस्त जारी की। जानें किसानों को कितनी राशि मिली और क्या है सरकार का अगला प्लान।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि मध्य प्रदेश सरकार किसानों के हर सुख-दुख में उनके साथ ‘ढाल’ बनकर खड़ी है।
गुरुवार, 29 जनवरी को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में आयोजित ‘अन्नदाता सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के खातों में करोड़ों रुपये की राशि अंतरित की।
1.17 लाख किसानों को मिले 200 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के रूप में प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में लगभग 200 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर की।
योजना के अब तक के आंकड़े:
- कुल लाभांवित किसान: 7 लाख 10 हजार से अधिक।
- कुल वितरित राशि: लगभग 1500 करोड़ रुपये।
- मंदसौर का योगदान: अकेले मंदसौर जिले के 27 हजार से अधिक किसानों को 43 करोड़ रुपये की राशि मिली है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने रघुवीर सिंह (95 हजार रुपए), मुकेश पाटीदार (73 हजार रुपए) और ओमकार सिंह (64 हजार रुपए) सहित कई किसानों को स्वयं चेक सौंपकर सम्मानित किया।
भावांतर भुगतान लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना MP
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गर्व के साथ कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने के लिए शासकीय व्यवस्था से भावांतर भुगतान की योजना लागू की है।
“मौसम कोई भी हो, किसान को हमेशा अपने खेत की चिंता रहती है। हमारी सरकार का एकमात्र ध्येय किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना और उनके घरों में समृद्धि लाना है।” – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
सरसों और मूंगफली भी आएंगे योजना के दायरे में
किसानों के लिए भविष्य की योजना साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरसों और मूंगफली की फसलों को भी भावांतर भुगतान योजना के दायरे में लाया जाएगा।
इससे तिलहन उत्पादक किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलेगी।
कृषक कल्याण वर्ष-2026 और फूड प्रोसेसिंग
सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब सरकार का ध्यान वैल्यू एडिशन (Value Addition) पर है:
- किसानों को कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) से जोड़ा जाएगा।
- किसान अपनी उपज की प्रोसेसिंग खुद करेंगे, जिससे उन्हें बिचौलियों के बिना भरपूर दाम मिल सके।
- धार में बन रहे PM मित्र पार्क से 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा।
ऑर्गेनिक कॉटन और लहसुन की वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने मंदसौर की उपजाऊ भूमि की सराहना करते हुए यहाँ की लहसुन को विश्व प्रसिद्ध बताया।
साथ ही, उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में भी देश में विशेष स्थान रखता है।
ग्रामीण सड़कों के जाल ने परिवहन को सुगम बनाया है, जिससे किसानों की उपज मंडियों तक जल्दी और सुरक्षित पहुँच रही है।
