PM मोदी का विजन: ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ से बनेगा विकसित भारत

3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ वेबिनार में निर्यात उन्मुख खेती, फसल विविधीकरण, तकनीक और पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पीएम किसान और फसल बीमा योजनाओं की उपलब्धियां भी बताईं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट के बाद 6 मार्च को आयोजित तीसरे वेबिनार को संबोधित करते हुए ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ को भारत के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।

उन्होंने कहा कि कृषि न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है बल्कि देश के दीर्घकालिक विकास का एक मजबूत स्तंभ भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट तैयार करते समय विभिन्न हितधारकों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे और अब इन प्रावधानों को जमीन पर तेजी से लागू करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के वेबिनार से प्राप्त सुझाव सरकार को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद करेंगे।

 

किसानों के लिए योजनाओं से बढ़ी आर्थिक सुरक्षा

प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार के निरंतर प्रयासों से किसानों का जोखिम कम हुआ है।

आंकड़ों के माध्यम से उन्होंने वर्तमान योजनाओं की सफलता को रेखांकित किया:

  1. पीएम किसान सम्मान निधि: 10 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की गई।
  2. फसल बीमा योजना: 2 लाख करोड़ रुपए के दावों का निपटारा किया गया।
  3. संस्थागत ऋण: कवरेज अब 75% से अधिक हो गया है, जिससे किसानों की साहूकारों पर निर्भरता कम हुई है।

 

निर्यात उन्मुख खेती पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक मांग में हो रहे बदलावों को देखते हुए भारतीय कृषि को निर्यात-उन्मुख बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भारत की विविध जलवायु का पूरा उपयोग करते हुए उत्पादकता और निर्यात क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

उन्होंने कोको, काजू, चंदन जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र में अगरवुड और हिमालयी राज्यों में शीतोष्ण मेवों की खेती को बढ़ावा देने की बात कही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

 

मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है और इस क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।

उन्होंने हैचरी, चारा और लॉजिस्टिक्स में नए व्यावसायिक मॉडल विकसित करने पर बल दिया।

पीएम ने कहा कि जलाशयों से अतिरिक्त 20 लाख टन मछली उत्पादन की क्षमता है, जो निर्यात का मुख्य आधार बन सकती है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत आज दूध उत्पादन में दुनिया में पहले और अंडा उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।

पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य, वैज्ञानिक प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण प्रजनन से इस क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा सकता है।

 

फसल विविधीकरण और तकनीक पर विशेष जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय फसल विविधीकरण अपनाने की सलाह दी।

उन्होंने खाद्य तेल, दालों और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे अभियानों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कृषि में डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ई-नाम, डिजिटल भूमि सर्वेक्षण और किसान पहचान पत्र जैसे कदम कृषि क्षेत्र में नई क्रांति ला सकते हैं।

 

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने ग्रामीण विकास के लिए पीएम आवास योजना, पीएम ग्राम सड़क योजना और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 2029 तक 3 करोड़ महिला उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य भी दोहराया।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भंडारण, कृषि वित्तीय तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला में नवाचार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी और इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।