महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश में सप्लाई
खंडवा. जिले की मिट्टी में भरपूर पोषक तत्व हैं। यही वजह है कि 6 साल के भीतर संतरे की खेती का रकबा 100 गुना बढ़ा है। दो हेक्टेयर से शुरू होकर खेती 200 हेक्टेयर में होने लगी है।
पंधाना, छैगांव का संतरा महाराष्ट्र, यूपी, पंजाब, हरियाणा सप्लाई किया जा रहा है। बगीचे से किसान हर साल 35-40 लाख कमा रहे हैं।
शिक्षक की नौकरी छोड़ने के बाद सुरेश पटेल ने दोस्तों महेश, नितेश के साथ अलग-अलग गांव में नागपुरी संतरे की खेती शुरू की।
सुरेश ने दो हेक्टेयर में एक हजार पौधों से बगीचा तैयार किया। 4 साल बाद उत्पादन बेहतर देख 5500 पौधों का बगीचा तैयार किया।
पंधाना के सुरेश ने 6 साल पहले दो हेक्टेयर में बगीचा तैयार किया। उत्पादन अच्छा मिलने पर 16 एकड में संतरा और 11 एकड़ में मौसंबी का बगीचा तैयार किया।
सुरेश ने बताया कि पहले साल ढाई लाख की आय हुई थी। दूसरे साल 40 लाख, तीसरे साल 58 और इस बार 45 लाख का संतरा बिका।
लागत की बात
शुरूआत में बगीचा तैयार करने में प्रति एकड़ दस हजार का खर्च आता है।
मेंटेनेंस, सिंचाई समेत अन्य खर्च 5-6 हजार रुपए होता है। साल में दो बार फल का उत्पादन होता है।
फायदेमंद
छैगांव माखन के सहायक उद्यानिकी अधिकारी ओपी पाटीदार के अनुसार संतरे के सेवन से त्वचा और हृदय को फायदा पहुंचाता है।
सहायक संचालक (उद्यानिकी) खंडवा, अजय सिंह चौहान बताते हैं उत्पादन अच्छा होने से हर साल रकबा बढ़ रही है। संतरे की डिमांड भी बाहर बढ़ी है।
