कृषि मंत्री ने दिए निर्देश
तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने त्वरित राहत और वैज्ञानिक आकलन के आधार पर बीमा क्लेम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। MSP पर खरीद और दलहन मिशन पर भी जोर।
तेज बारिश, ओलावृष्टि और बदलते मौसम के कारण देश के कई राज्यों में किसानों को हुए नुकसान को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित किसानों को राहत और बीमा क्लेम में किसी भी तरह की देरी नहीं होने दी जाएगी।
नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में चौहान ने कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि फसल नुकसान के वैज्ञानिक आकलन और किसानों को समय पर आर्थिक सहायता पहुंचाने पर भी है।
वैज्ञानिक आकलन से तय होगा नुकसान, तुरंत मिलेगा मुआवजा
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी तेज बारिश या ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है, वहां तुरंत क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट कर वैज्ञानिक तरीके से फसल क्षति का आकलन किया जाए।
उन्होंने राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर समयबद्ध राहत देने पर जोर दिया, ताकि किसानों को इंतजार न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि बीमा क्लेम की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होनी चाहिए, जिससे प्रभावित किसानों को सही समय पर उनका हक मिल सके।
किसानों को समय पर मिले सलाह और सहायता
बैठक में मौसम पूर्वानुमान और फसलों की ताज़ा स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई ताकि आने वाले दिनों में संभावित मौसम जोखिमों के अनुसार तैयारी की जा सके।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग, राज्यों और संबद्ध संस्थाओं को मिलकर ऐसी कार्य योजना बनानी चाहिए, जिससे किसान को समय पर सलाह, सहायता और सुरक्षा मिले।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र का लक्ष्य केवल उत्पादन नहीं, बल्कि किसान की सुरक्षा, आय स्थिरता और समय पर सहायता होना चाहिए, और फसल-स्थिति, मौसमीय जोखिम, प्रोक्योरमेंट रेडीनेस तथा राहत तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाना आवश्यक है।
