मध्य प्रदेश में फिर बदला मौसम का मिजाज
मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण अगले 5 दिन आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर रहेगा।
इससे गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन फसलों और जनजीवन पर असर पड़ सकता है।
लेकिन अप्रैल और मई में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। कई संभागों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
मध्य प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय हुए नए मौसम सिस्टम के चलते अब अगले 4 से 5 दिनों तक आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर बना रहेगा।
रविवार को ग्वालियर सहित कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, वहीं सोमवार से इसका असर और तेज होने की संभावना है।
अगले 24 घंटों में इन जिलों में दिखेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में ग्वालियर-चंबल संभाग के भिंड और दतिया जिलों में ओले गिर सकते हैं।
इसके अलावा भोपाल, जबलपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं।
प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इन सिस्टम्स के संयुक्त प्रभाव से प्रदेशभर में मौसम अस्थिर बना हुआ है।
पूरे प्रदेश में दिखेगा असर
30 मार्च से शुरू हुआ यह सिस्टम प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को प्रभावित करेगा।
ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में 2 अप्रैल तक आंधी-बारिश का असर बना रहेगा।
गर्मी से राहत, तापमान में गिरावट
लगातार बदलते मौसम के चलते दिन के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
फिलहाल प्रदेश के कई शहरों में पारा 38 डिग्री या उससे अधिक बना हुआ है। रविवार को मंडला में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें गिरावट संभव है।
मार्च में कई बार बदला मौसम
इस महीने मौसम का रुख बार-बार बदलता रहा है। पहले तेज गर्मी पड़ी, फिर कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के दौर आए।
मार्च में अब तक 45 से ज्यादा जिलों में बारिश हो चुकी है, जबकि 17 जिलों में ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है।
गेहूं, पपीता और केले की फसलें खास तौर पर प्रभावित हुई हैं। रविवार से शुरू हुआ यह नया दौर मार्च में चौथी बार मौसम परिवर्तन का संकेत है, जिसका असर अप्रैल के पहले सप्ताह तक बना रह सकता है।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल भले ही राहत मिले, लेकिन अप्रैल और मई में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। कई संभागों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
