बीज से बाजार तक का सफर होगा आसान
रायसेन में 11–13 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय कृषि महोत्सव आयोजित होगा, जिसमें आधुनिक तकनीक, बीज, ड्रोन, एफपीओ और बाजार तक की पूरी जानकारी किसानों को एक ही स्थान पर मिलेगी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर मध्य प्रदेश के रायसेन में खेती-किसानी का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
आगामी 11 से 13 अप्रैल 2026 तक रायसेन के दशहरा मैदान में ‘राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा।
यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि किसानों के लिए “प्रयोगशाला से खेत तक” और “बीज से बाजार तक” की यात्रा को सुगम बनाने वाला एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
इस तीन दिवसीय महोत्सव में देशभर के किसान, कृषि वैज्ञानिक, स्टार्टअप, एफपीओ और कृषि से जुड़े संस्थान भाग लेंगे, जिससे किसानों को आधुनिक खेती के साथ बाजार से जुड़ने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
मेले में शामिल होंगे बड़े नेता
इस तीन दिवसीय कृषि महाकुंभ का शुभारंभ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
आयोजन का समापन 13 अप्रैल को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में होगा।
समापन सत्र की सबसे बड़ी विशेषता क्षेत्र के लिए समग्र कृषि रोडमैप का विमोचन होगा, जो आने वाले समय में रायसेन, विदिशा और सीहोर जैसे जिलों में खेती की दिशा बदल देगा।
मेले में लगेंगे 300 से अधिक स्टॉल
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह महोत्सव खेती का ‘गेम चेंजर’ बनेगा। मेले में लगभग 300 स्टॉल्स लगाए जाएंगे, जिनमें खेती के हर चरण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होगी:
- उन्नत बीज, उर्वरक और कीटनाशक,
- ड्रोन तकनीक और आधुनिक कृषि मशीनरी,
- सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप, स्प्रिंकलर),
- पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी,
- फसल प्रसंस्करण और मार्केटिंग,
- डिजिटल कृषि और एआई आधारित समाधान,
यहां किसान न सिर्फ जानकारी लेंगे बल्कि लाइव डेमो और प्रशिक्षण के जरिए तकनीक को समझ भी सकेंगे।
किसानों के लिए लाइव डेमो और प्रशिक्षण
महोत्सव में कई आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा:
- ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव,
- स्मार्ट फार्मिंग और ऑटोमेशन,
- हाइड्रोपोनिक्स और वर्टिकल फार्मिंग,
- ड्रिप और स्प्रिंकलर सूक्ष्म सिंचाई,
- फर्टिगेशन (उर्वरक मिश्रित सिंचाई),
- रीपर, हैप्पी सीडर, बेलर जैसी मशीनों का उपयोग,
इसके साथ ही ICAR द्वारा मृदा परीक्षण की मोबाइल मिनी‑लैब, समेकित कृषि प्रणाली (Integrated Farming System) व प्राकृतिक खेती के लाइव मॉडल, डेयरी, बकरीपालन, कुक्कुट व मत्स्यपालन की यूनिट, मोबाइल वेटरनरी यूनिट, बीज मिनीकिट वितरण, बीमा कंपनियों द्वारा मौके पर फसल बीमा और किसान शिकायत व परामर्श के लिए हेल्पडेस्क की विशेष व्यवस्था रहेगी, जिससे “बीज से बाजार तक, प्रयोगशाला से खेत तक” की पूरी कड़ी एक ही परिसर में दिखाई देगी।
सेमिनार, किसान–वैज्ञानिक संवाद और बीमा सुविधा
तीनों दिन अलग-अलग विषयों पर सेमिनार और प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे, जिनमें शामिल हैं:
- मृदा स्वास्थ्य और पोषण प्रबंधन,
- दलहन-तिलहन उत्पादकता बढ़ाने के उपाय,
- फसल बीमा और जोखिम प्रबंधन,
- प्राकृतिक और जैविक खेती,
- नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम,
मौके पर ही किसानों के लिए फसल बीमा, परामर्श और शिकायत निवारण हेल्प डेस्क की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
एफपीओ, स्टार्टअप और किसानों को मिलेगा बड़ा मंच
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि मेले में कृषि मंत्रालय के विभिन्न विभाग, ICAR, कृषि विश्वविद्यालय, KVK, उर्वरक व कीटनाशक कंपनियाँ, बीज कंपनियाँ, माइक्रो‑इरिगेशन और मशीनरी निर्माता, बैंक व क्रेडिट संस्थान, बीमा कंपनियाँ, किसान उत्पादक संगठन (FPOs), स्टार्ट‑अप्स, MSMEs, NAFED, पशुपालन व मत्स्य विभाग और ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ‑साथ अनेक निजी व सहकारी संस्थान सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा फोकस
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करना, उत्पादन लागत कम करना और बेहतर बाजार से जोड़ना और आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
समापन के दौरान जारी होने वाला कृषि रोडमैप आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव केवल तीन दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के पूरे क्षेत्र की खेती को अधिक उत्पादक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दीर्घकालिक शुरुआत साबित होगा, जिसमें हर किसान की सक्रिय भागीदारी सबसे बड़ी ताकत बनेगी और यही “खेती का , गेम चेंजर राष्ट्रीय कृषि मेला” होने का वास्तविक प्रमाण होगा।
