मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालकों के लिए ‘गोरस’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है।
इस ऐप के जरिए अब गाय-भैंसों के लिए संतुलित आहार, दूध उत्पादन बढ़ाने के तरीके, नस्ल के अनुसार सलाह और संभावित आय से जुड़ी पूरी जानकारी आसानी से मिलेगी।
प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और पशुपालकों व किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पशुपालन एवं डेयरी विभाग लगातार नए कदम उठा रहा है। इसी दिशा में विभाग ने “गोरस मोबाइल ऐप” विकसित किया है।
यह ऐप पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुओं के संतुलित आहार की सटीक जानकारी देगा, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य सुधरेगा, दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
क्यों पड़ी इस ऐप की जरूरत?
मध्यप्रदेश में वर्तमान में 2 करोड़ से अधिक गाय और भैंसों का पालन किया जा रहा है। इसके बावजूद अधिकांश पशुपालक आज भी पारंपरिक तरीकों से ही पशुओं को आहार देते हैं।
वैज्ञानिक तरीके से संतुलित पोषण न मिलने के कारण पशुओं की पूरी उत्पादन क्षमता का उपयोग नहीं हो पाता, जिससे दूध उत्पादन में लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी देखी जाती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए ‘गोरस ऐप’ विकसित किया गया है।
कैसे काम करता है ‘गोरस ऐप’?
यह ऐप बेहद आसान और उपयोगकर्ता-अनुकूल है। पशुपालक जैसे ही ऐप में अपने पशु से जुड़ी सामान्य जानकारी दर्ज करते हैं, जैसे—
- पशु की नस्ल और वजन
- वर्तमान दुग्ध उत्पादन और उसका चरण
- दिया जा रहा वर्तमान आहार
ऐप तुरंत गणना कर पशु के लिए संतुलित आहार की सही मात्रा और प्रकार की जानकारी देता है।
साथ ही, यह भी बताता है कि सही आहार प्रबंधन अपनाने पर एक ब्यांत (लैक्टेशन पीरियड) में कितना अतिरिक्त लाभ हो सकता है और गलत आहार से कितना नुकसान हो रहा है।
‘गोरस मोबाइल ऐप’ की प्रमुख विशेषताएं
- पूरी तरह हिंदी में विकसित, ताकि ग्रामीण पशुपालकों को आसानी हो
- बिना इंटरनेट (ऑफलाइन) के भी काम करने की सुविधा
- कम लागत में अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए मार्गदर्शन
- 28 से अधिक स्थानीय चारे की विस्तृत जानकारी
- मौसम और गर्भावस्था के अनुसार स्वचालित सुझाव
- गिर, साहीवाल, थारपारकर, मुर्रा, भदावरी और क्रॉसब्रीड नस्लों के लिए विशेष सलाह
- नस्ल सुधार से संबंधित उपयोगी जानकारी
- सभी के लिए पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध
वैज्ञानिक पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के अनुसार, इस ऐप का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को पशु पोषण की वैज्ञानिक जानकारी सीधे उनके मोबाइल तक पहुंचाना है,
ताकि प्रदेश में आधुनिक और लाभकारी पशुपालन को बढ़ावा मिल सके। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और किसान इसका अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।
ऐसे करें डाउनलोड या Install app
- अपने एंड्रॉयड मोबाइल में Google Play Store खोलें
- सर्च बॉक्स में “Goras” या “गोरस” टाइप करें
- आधिकारिक ऐप को पहचानकर डाउनलोड करें
- इंस्टॉल के बाद जरूरी अनुमति (Permissions) दें
- ऐप खोलकर पशु की जानकारी दर्ज करें और मुफ्त सलाह का लाभ उठाएं
