ओलावृष्टि होने की पूरी सम्भावना
प्री-मानसून गतिविधियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। गुरुवार को प्रदेश के 39 जिलों में आंधी-बारिश और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में मानसून की एंट्री 20 जून के बाद होने की संभावना है।
हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आधिकारिक आगमन में अभी करीब दो सप्ताह का समय बाकी है, लेकिन प्री-मानसून एक्टिविटी ने पहले ही मौसम को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में लगातार आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। गुरुवार के लिए भी मौसम विभाग ने 39 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
इन जिलों में ओलावृष्टि की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तेज आंधी चलने की संभावना है, जिसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
वहीं भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर और रीवा संभाग के अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।
इन क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
20 जून के बाद मानसून की दस्तक की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं, जिसके चलते प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं।
यही वजह है कि मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून की रफ्तार सामान्य से धीमी है, जिसके कारण मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री तय समय से करीब 5 से 7 दिन देरी से हो सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश करेगा।
