किसानों को मिलेगा 3 लाख रुपए तक ब्याज मुक्त ऋण, 5 रुपए में बिजली कनेक्शन

MP Balram Krishi Mahotsav 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ से किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं कीं।

शून्य प्रतिशत ब्याज पर 3 लाख रुपए का ऋण, 5 रुपए में बिजली कनेक्शन और कड़कनाथ-टमाटर क्लस्टर से बढ़ेगी आय। जानें पूरा शेड्यूल और 6 कृषि संकल्प।

मध्य प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि को आधुनिक व लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में “कृषक कल्याण वर्ष” के अंतर्गत पूरे प्रदेश में “बलराम कृषि महोत्सव-2026” धूमधाम से मनाया जा रहा है।

इंदौर से शुरू हुए इस महाअभियान के तहत रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ में ऑनलाइन माध्यम से किसानों से सीधा संवाद किया।

सीएम ने कम बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं, साथ ही किसानों को संकट से उबारने के लिए कई बड़े आर्थिक पैकेजों और योजनाओं की घोषणा की है।

 

एमपी में किसानों के लिए 3 बड़ी योजनाएँ

  1. 0% ब्याज पर 3 लाख रुपए का लोन: किसानों को खेती-किसानी की जरूरतों के लिए 3 लाख रुपये तक का कृषि ऋण शून्य प्रतिशत (0%) ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
  2. मात्र 5 रुपए में बिजली कनेक्शन: सिंचाई व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए किसानों को केवल 5 रुपये में बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
  3. डेयरी विकास पर 33% सब्सिडी: पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 40 लाख रुपये तक की योजना पर सरकार 33 प्रतिशत का भारी अनुदान (Subsidy) दे रही है।

 

खेत से कारखाने तक पहुंचेगा झाबुआ का कपास

मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ-2026 में झाबुआ जिले में कपास की बोवनी में रिकॉर्ड 16% की बढ़ोतरी हुई है। इस बार 23 हजार 230 हेक्टेयर में कपास बोया गया है।

धार जिले के बदनावर में बन रहे पीएम मित्रा पार्क (PM Mitra Park) से झाबुआ के कपास उत्पादक किसानों को “खेत से कारखाने” तक की सीधी सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें फसल के बेहतरीन दाम मिलेंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

 

झाबुआ का कड़कनाथ और पेटलावद का टमाटर बना MP की पहचान

  • कड़कनाथ पालन: ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत कड़कनाथ मुर्गे को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है। वर्ष 2025 में 1000 से अधिक नए हितग्राहियों को इस योजना से जोड़ा गया है।
  • टमाटर का बड़ा हब: पेटलावद में स्थापित टमाटर प्रसंस्करण इकाई (Tomato Processing Unit) से टमाटर सॉस और केचअप बनाया जा रहा है। 12 सोलर ड्रायर यूनिट की मदद से टमाटर का डिहाइड्रेशन भी किया जा रहा है। यहाँ का टमाटर अब राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में धूम मचा रहा है।

 

32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई: नर्मदा-झाबुआ लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट

किसानों को पानी की किल्लत से बचाने के लिए नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है।

इसके पूरे होते ही लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा, जिससे करीब 50 हजार से अधिक किसान परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा।

 

महोत्सव में क्या-क्या मिलेगा किसानों को?

बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को निम्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं –

  • आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी
  • उन्नत बीज एवं कृषि यंत्रों का प्रदर्शन
  • प्राकृतिक एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण
  • ड्रोन तकनीक और स्मार्ट सिंचाई का प्रदर्शन
  • डिजिटल कृषि सेवाएं और ऑनलाइन कृषि परामर्श
  • मौसम आधारित खेती एवं जोखिम प्रबंधन की जानकारी
  • कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता सहित 16 विभागों की प्रदर्शनी
  • उत्कृष्ट किसानों का सम्मान एवं विभिन्न योजनाओं का लाभ वितरण

 

बलराम कृषि महोत्सव का पूरा शेड्यूल (21 जुलाई से 30 जुलाई)

इंदौर और झाबुआ के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में आगामी तारीखों पर इस महोत्सव का आयोजन किया जाएगा:

  • 21 जुलाई: आलीराजपुर
  • 23 जुलाई: बड़वानी
  • 25 जुलाई: खरगौन
  • 27 जुलाई: बुरहानपुर
  • 30 जुलाई: खण्डवा

यह व्यापक अभियान 16 सरकारी विभागों को एक मंच पर लाकर आगामी 13 नवम्बर 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।

 

महोत्सव के 6 प्रमुख कृषि संकल्प

इस महोत्सव के जरिए मध्य प्रदेश सरकार किसानों को निम्नलिखित 6 संकल्पों से जोड़ रही है:

  1. प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना।
  2. जल संरक्षण को बढ़ावा देकर “हर खेत को पानी” पहुंचाना।
  3. कृषि यंत्रीकरण, ड्रोन तकनीक और आधुनिक स्मार्ट सिंचाई का विस्तार।
  4. फसल विविधीकरण (Crop Diversification) और मूल्य संवर्धन (Value Addition)।
  5. किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहन।
  6. शासन की सभी किसान कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाना।

बलराम कृषि महोत्सव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया जा रहा है, साथ ही उन्हें आधुनिक कृषि यंत्रों, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन (Soil Health) और मौसम आधारित खेती का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जा रहा है।