मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं का असर तेज, कई शहरों में रात का पारा लुढ़का

मावठे के आसार

मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन बढ़ गई है और कई शहरों में रात का तापमान तेजी से गिरा है।

शहडोल और कटनी में पारा 5 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर, भोपाल समेत बड़े शहरों में भी कड़ाके की ठंड है।

उत्तरी संभाग में कोहरा बना हुआ है, जिससे रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।

मध्यप्रदेश में उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है।

शहडोल और कटनी में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, जबकि ग्वालियर और भोपाल समेत बड़े शहरों में भी रातें सर्द बनी हुई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 3 से 4 दिन बाद मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में मावठा यानी हल्की बारिश या बादल छाने की स्थिति बन सकती है।

फिलहाल प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र के पास एक ट्रफ गुजर रही है, हालांकि इसका सीधा असर मध्यप्रदेश पर नहीं पड़ रहा है।

लेकिन आने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस मजबूत बताया जा रहा है, जिससे कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

 

उत्तरी संभाग में कोहरे की पकड़ मजबूत

प्रदेश के उत्तरी हिस्सों ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में कोहरे का प्रभाव लगातार बना हुआ है।

गुरुवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा छाया रहा।

वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, गुना, राजगढ़, रतलाम और मंडला सहित कई जिलों में हल्का कोहरा दर्ज किया गया।

कोहरे की वजह से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

इनमें मालवा एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस और सचखंड एक्सप्रेस सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पंजाब मेल और जनशताब्दी सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें भी लेट हो रही हैं।

 

कहीं भी शीतलहर या कोल्ड डे का अलर्ट नहीं

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि गुरुवार को प्रदेश के किसी भी जिले में न तो शीतलहर (कोल्ड वेव) और न ही कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया गया है।

इस सीजन में रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी इस बार मध्यप्रदेश में सर्दी ने कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

नवंबर माह में पिछले 84 वर्षों की सबसे अधिक ठंड पड़ी, जबकि दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूट गया।

जनवरी में भी ठंड का असर बरकरार है और भोपाल में पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड टूट चुका है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी में प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य के  करीब पहुंच चुका है। घना कोहरा, तेज सर्द हवाएं और शीतलहर की स्थिति बार-बार बन रही है।

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