नरवाई न जलाएं, अपनाएं जैविक एवं प्राकृतिक खेती

सीएम डॉ. यादव ने दिलाई किसानों को शपथ

मुख्यमंत्री ने हरदा जिले को दी 232 करोड़ रुपए के 41 विकास कार्यों की सौगात, तीन सांदीपनि विद्यालय मिले

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार हर हाथ को काम और हर खेत को पानी उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

उन्होंने समुचित प्रबंधन करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसान इससे जुड़ें।

 

किसान नरवाई न जलाएं

इससे धरती माता की उर्वरक क्षमता प्रभावित होने लगती है। प्राकृतिक खेती के उत्पादों को मंडी में बेचने के लिए विशेष प्रबंधन किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को हरदा में कृषि आधारित कौशल विकास एवं कस्टम हायरिंग पर केंद्रित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन में बोल रहे थे।

उन्होंने हरदा जिले के लिए करीब 232 करोड़ रुपए के 41 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।

इसमें 199 करोड़ रुपए लागत के 36 कार्यों का लोकार्पण एवं 32 करोड़ रुपए लागत के 5 निर्माण कार्यों पर भूमि-पूजन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरदा जिले ने विकास के हर क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है।

हरदा जिले में शत-प्रतिशत कृषि रकबे में सिंचाई की सुविधा विकसित हो चुकी है।

 

नरवाई प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने गोशालाओं को नरवाई से भूसा तैयार करने के लिए यंत्र उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

हमारी सरकार गोशालाओं को मिलने वाला अनुदान 20 रुपए प्रति गोमाता से बढ़ाकर 40 रुपए किया है। प्रदेश में गोशालाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है।

प्रदेश के 11 शासकीय विश्वविद्यालय और 20 अन्य कॉलेजों में बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के कोर्स शुरू किए गए हैं।

इसकी शुरुआत उज्जैन से की गई है। हरदा के कृषक भी बड़े पैमाने पर कृषि उद्योग लगाने के लिए आगे आएं।

खेत से लेकर कारखाने तक सभी निर्माण कार्य और सुविधाएं देने के लिए सरकार तैयार है। किसानों को इसके लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।