9.20 करोड़ किसानों को मिली ‘किसान आईडी’
एग्रीस्टैक योजना के तहत देश में 9.20 करोड़ से अधिक किसान आईडी जारी की जा चुकी हैं।
जानें कैसे यह डिजिटल पहचान महिला किसानों, बटाईदारों और पशुपालकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही है।
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक (AgriStack) डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना खेती-किसानी के परिदृश्य को बदल रही है।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 19 मार्च 2026 तक देश भर में 9.20 करोड़ से अधिक किसान आईडी जारी की जा चुकी हैं। इनमें अकेले बिहार के 47.63 लाख किसान शामिल हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने 24 मार्च को लोकसभा में इस प्रगति की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह डिजिटल पहचान केवल भूमिधारक किसानों तक सीमित नहीं है।
किसान ID के जरिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), फसल बीमा योजना (PMFBY), MSP आधारित खरीद, कृषि ऋण और आपदा राहत जैसी योजनाओं को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जा रहा है।
इससे लाभार्थियों की पहचान आसान हो रही है और DBT के माध्यम से पैसा सीधे उनके खातों में पहुंच रहा है।
फार्मर आईडी से इन्हें भी मिलेगा योजनाओं का लाभ
एग्रीस्टैक के तहत बनाई जा रही ‘राज्य किसान रजिस्ट्री’ में समावेशी दृष्टिकोण अपनाया गया है।
इसमें निम्नलिखित श्रेणियों को कवर किया गया है:
- भूमिधारक किसान: सभी स्थायी जमीन मालिक।
- महिला किसान: खेती में महिलाओं की भागीदारी को आधिकारिक पहचान।
- विशेष क्षेत्र: पशुपालक और मत्स्यपालक (मछली पालन)।
- काश्तकार: किरायेदार और बटाईदार किसान भी अब डिजिटल सिस्टम का हिस्सा बन सकेंगे।
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़: सफलता की मिसाल
किसान आईडी के परिणामों का मूल्यांकन करते हुए सरकार ने बताया कि इससे योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) बेहद सुगम हो गया है।
- महाराष्ट्र: राज्य ने खरीफ 2025 में फसल नुकसान की राहत राशि बांटने में रिकॉर्ड बनाया है। एग्रीस्टैक की मदद से 89 लाख किसानों को मात्र 5 दिनों के भीतर 14,000 करोड़ रुपए से अधिक ट्रांसफर किए गए।
- छत्तीसगढ़: यहाँ एमएसपी (MSP) आधारित धान खरीद के लिए किसान आईडी और डिजिटल फसल सर्वेक्षण को अनिवार्य किया गया है। इससे 32 लाख किसानों के पंजीकरण और भुगतान में पारदर्शिता आई है।
डिजिटल सुविधा से वंचित किसानों के लिए व्यवस्था
सरकार ने उन किसानों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है, जिनके पास मोबाइल या इंटरनेट की सुविधा नहीं है।
ऐसे किसान किसान उत्पादक संगठन (FPO), कृषि सखी और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
इसके अलावा, राज्यों द्वारा गांव-गांव में शिविर लगाकर किसानों को एग्रीस्टैक से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है किसान ID?
किसान ID के माध्यम से सरकार किसानों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ला रही है, जिससे योजनाओं का लाभ तेजी से, पारदर्शी तरीके से और बिना किसी बिचौलिए के सीधे किसानों तक पहुंचाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति लाने और किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
