2625 रुपए प्रति क्विंटल पर होगी गेहूं की सरकारी खरीद, मिलेगा बोनस

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी 2026-27 के लिए शेड्यूल जारी। जानें 2625 रुपये प्रति क्विंटल का नया भाव, 40 रुपए बोनस और संभागवार खरीदी की तारीखें। 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन।

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए रबी विपणन वर्ष 2026-27 खुशियों की सौगात लेकर आया है।

प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने घोषणा की है कि राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।

इस बार सरकार ने किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद अब प्रदेश के किसानों से गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।

मंत्री कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें उनकी मेहनत का वाजिब दाम दिलाना है।

 

1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की खरीद

राज्य में किसानों की सुविधा के लिए गेहूं उपार्जन का कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा:

  • 1 अप्रैल 2026 से: इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में खरीदी शुरू होगी।
  • 7 अप्रैल 2026 से: प्रदेश के शेष सभी संभागों में उपार्जन कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
  • समय: सभी शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खरीदी की जाएगी।

 

19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन

कृषि मंत्री ने कहा कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये प्रदेश के कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीयन कराया है,

जो पिछले वर्ष के 15 लाख 44 हजार किसानों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह किसानों का सरकार की नीतियों पर बढ़ता विश्वास दर्शाता है।

 

ख़रीद केंद्रों पर किसानों को मिलेंगी यह सुविधाएं

कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

सभी खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए ठंडे पेयजल, पंखों, छाया तथा आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जा रही है, जिससे किसानों को धूप में खड़े होकर किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध ढंग से संचालित की जाए तथा किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।

राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।