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भूमि अगर बंजर है तो अपनाएं यह तरीके, हरी-भरी हो जाएगी पूरी जमीन

आप अपने आस-पास ऐसी बहुत सी भूमि को देखते होंगे जो पूरी तरह से अनुपजाऊ होती है.

भूमि के ऐसा होने के कई कारण होते हैं.

लेकिन आज हम उन कारणों पर ध्यान न देते हुए भूमि को उपजाऊ कैसे बनाते हैं यह जानकारी आप तक पहुंचा रहे हैं.

 

बंजर भूमि

बंजर भूमि की गुणवत्ता, प्राकृतिक परिस्थितियों, मिट्टी की उपजाऊता, और जल संसाधनों का विश्लेषण करें.

मिट्टी की उपजाऊता को बढ़ाने के लिए, मिट्टी की संरचना को बदलने के लिए उपाय अपनाएं, जैसे कि आधुनिक खेती के तकनीकों का उपयोग करें.

 

समुदायिक कृषि एवं जल संसाधनों को प्रोत्साहन

स्थानीय समुदायों को उपजाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करें.

जल संरचना जैसे कि नहर, कुँआ, बांध आदि का निर्माण करें ताकि जल संसाधन सुलभ हों और पैदावार को सुनिश्चित करें.

जल संसाधनों को संरक्षित रखने के लिए संयंत्रों का निर्माण करें, जल संरचनाओं का उपयोग करें, और जल संचय की तकनीकों का उपयोग करें.

जैविक खेती तकनीकों का उपयोग करें जो मिट्टी को सुषम और उपजाऊ बनाती हैं.

 

उर्वरक का प्रयोग एवं फलदार पेड़-पौधों का उत्पादन

उर्वरकों का उपयोग करें जो मिट्टी को पोषण देते हैं और उपजाऊता को बढ़ाते हैं.

फलदार पेड़-पौधों को उत्पादित करें जो बंजर भूमि पर उपजाऊता और पोषण का स्रोत बनाते हैं.

जलवायु मितिगत फसलें जैसे कि सूखे और वर्षा प्रबंधन के लिए उपयुक्त फसलें उत्पादित करें साथ ही आधुनिक सिंचाई पद्धतियों का उपयोग करें, जैसे कि बूंद बांध, ट्रिकल सिंचाई, और धारा सिंचाई, जो बंजर भूमि को सिंचित करने में मदद करें.

वर्षा नलिकाएं बनाएं ताकि वर्षा का पानी सीधे मिट्टी में चला जाए और उपजाऊता को बढ़ाए.

बंजर भूमि की मिट्टी को सुष्टिकरण करने के लिए एरोबिक कम्पोस्टिंग तकनीक का उपयोग करें.

कृषि अपशिष्टों का उपयोग करके बायोगैस प्लांट स्थापित करें, जो ऊर्जा की आपूर्ति करता है और खाद्य सुरक्षा को बढ़ाता है.

 

संरक्षित क्षेत्रों का निर्माण करें

बंजर भूमि में संरक्षित क्षेत्रों का निर्माण करें, जहां प्राकृतिक वनस्पति और वन्यजीवों को संरक्षित रखा जा सके.

बंजर भूमि में सहजीवन के बाग और पेड़ों को बढ़ावा दें, जो प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में मदद करें.

वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन करें और उपजाऊ पेड़-पौधों को बढ़ावा दें.

जल संचय और जल सफाई के लिए पानी की बचत करें, जैसे कि बूंदबांध, वर्षा टैंक, और सिंचाई प्रणालियों का उपयोग करें.

 

पर्यावरणीय खेती को अपनाएं

बंजर भूमि पर पर्यावरणीय खेती की तकनीकों को अपनाएं, जैसे कि वनस्पति संरक्षण क्रोपिंग, आधुनिक खेती, और अनुकूल सिंचाई.

बंजर भूमि के लिए जलवायु सुरक्षा के प्रदर्शन करें, जैसे कि वर्षा नलिकाएं, वायु नियंत्रण, और तापमान के अनुकूलन.

स्थानीय किसानों को जैविक खेती, सशस्त्र खेती, और आधुनिक खेती जैसी तकनीकों के माध्यम से सशक्त करें.

बंजर भूमि पर पशुपालन का संचालन करें, जैसे कि छोटे पशु या मुर्गा पालन, जो कीटनाशकों का उपयोग कम करते हैं और उपजाऊता को बढ़ाते हैं.

आप इन विधियों के माध्यम से बंजर भूमि को भी हरा भरा कर सकते हैं. इससे पर्यावरण को तो लाभ होता ही है.

साथ ही कई तरह का उत्पादन भी बढ़ता है. जो किसानों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी बहुत लाभ पहुंचने वाला होता है.

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