मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक किसान के रूप में ट्रैक्टर चला कर ऐतिहासिक रैली का नेतृत्व किया। और फिर 1101 ट्रैक्टरों के साथ जंबूरी मैदान पहुंचकर ऐसा कल्याण वर्ष का आगाज किया।
रैली में शामिल किसानों का सरकार के प्रति विश्वास और सरकार के प्रति उनके समर्पण ने बता दिया कि मध्य प्रदेश की संवेदनशील डॉक्टर मोहन यादव सरकार लगातार किसानों के हितों के लिए प्रयासरत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की हर योजना को सबसे पहले जमीनी स्वरूप प्रदान करने वाली सरकार की कई बार दिल्ली से लेकर दूसरे प्रति तक में पीठ थपथपाई जा चुकी है।
कृषक वर्ष में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 10 संकल्प
- नए साल का नया पैगाम, पूरा साल किसानों के नाम।
- किसान अब उपज नहीं उद्योग भी लगाएगा।
- हलधर का हर कष्ट हरेंगे
- किसानों के कल्याण की अभी तो
- यह झांकी है, पूरा काम बाकी है 5. किसानों की जिंदगी बेहतर न कर दें तब तक चुप नहीं बैठेंगे।
- सोयाबीन के बाट सरसों पर भी भावांतर देंगे।
- जो कहा वो किन्या, गेहूं पर भी 2700 रुपए एमएसपी देकर बताएंगे।
- किसानों की लागत घटाना और आय बढ़ाना हमारा संकल्प
- खेती में देश का रोल मौदल बनेगा गए।
- हर खेत तक पहुंचेगा पानी, फसलें लहलाहेंगी।
16 विभाग बनाएंगे समन्वय
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसानों के हितों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
कृषक कल्याण वर्ष के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार के 16 विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे जिससे कृषि से जुड़े सभी आयाम उत्पादन लागत विपणन आए और कल्याण एक साथ सुदृढ हो सके।
16% पहुंची मध्य प्रदेश की कृषि विकास दर
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 16% तक पहुंच चुकी है जो राज्य की कृषि क्षमता और नीतिगत प्रयासों की सफलता दर्शाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं बल्कि किसानों की आमदनी में वृद्धि और कृषि लागत में कमी लाने के लिए ठोस एवं व्यवहारिक उपायों को धरातल पर उतरना है।
मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि कृषि कल्याण वर्ष 2026 के संकल्प की पूर्ति का पहला दिन है पूरे वर्ष विकास एवं मंगल कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाएंगे।
सरकार का प्रयास रहेगा कि किसान समृद्ध हो कृषि टिकाऊ बने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिले।
प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाएंगे
किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ने पर विशेष जोर रहेगा, विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं और सिंचाई की आधुनिकतम तकनीक की के प्रयोग से सिंचाई का रकबा अधिक से अधिक बढ़ने का प्रयास रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का संकल्प है कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता को आगामी वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना।
प्रदेश में अगर 2 वर्ष में 7.31 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हेक्टेयर की वृद्धि होगी।
प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री मातृशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी।
पार्वती काली सिंध और चंबल अंतरराज्यीय लिंक परियोजना, केन-बेतवा अंतरराज्यीय लिंक परियोजना की स्वीकृति केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
महाराष्ट्र राज्य के साथ क्रियान्वित होने वाली मेगा तापी भूजल भरण परियोजना विश्व की अनूठी परियोजना है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
