मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री 3-4 दिन देर से हो सकती है। भिंड-मुरैना समेत 6 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर सहित 40 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश के आसार हैं।
वहीं खजुराहो और नौगांव 43 डिग्री के साथ प्रदेश के सबसे गर्म स्थान रहे।
मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार अभी थोड़ा और लंबा हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश में 3 से 4 दिन की देरी से दस्तक दे सकता है।
फिलहाल प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके कारण कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर बना हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक शुक्रवार को भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओले गिरने की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी हो सकती है।
वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल सहित 40 से अधिक जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
17-18 जून तक मध्य प्रदेश में दे सकता है मानसून दस्तक
एक दिन के विराम के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं, तो मानसून 17 या 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
इसके बाद अगले 10 से 15 दिनों में पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय होने की संभावना है।
इन जिलों में आंधी और बारिश
उत्तर और बुंदेलखंड के मुरैना, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में आज ओलावृष्टि और तेज आंधी का येलो अलर्ट है.
पूर्वी राज्य के जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल और दमोह में आंधी और बारिश हो सकती है. मध्य और पश्चिमी राज्य के भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, खंडवा आदि में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना बन रही है.
मौसम विभाग के अनुसार, आज पूर्वी, मध्य और उत्तरी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ-साथ मध्यम से भारी बारिश और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है.
