सरकार का नया नियम लागू
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत लाभ ले रहे करोड़ों किसानों के लिए यह खबर बेहद अहम है।
केंद्र सरकार ने योजना के नियमों में सख्ती करते हुए साफ कर दिया है कि मार्च 2026 के बाद केवल उन्हीं किसानों को पीएम किसान योजना की किस्त मिलेगी, जिनके नाम पर जमीन की जमाबंदी और लगान रसीद दर्ज होगी।
जिन किसानों के नाम पर जमीन का कानूनी स्वामित्व नहीं है, उनकी किस्त रोकी जा सकती है।
अब तक देश के कई राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसे किसान पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे थे, जो अपने दादा, परदादा या पिता के नाम से दर्ज जमीन पर खेती कर रहे हैं।
लेकिन सरकार के नए निर्देशों के बाद ऐसा करना संभव नहीं होगा। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र किसानों को ही मिल सकेगा।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला
हलसी के अंचलाधिकारी संजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि ऐसे लोग भी पीएम किसान योजना का लाभ उठा रहे हैं, जिनके नाम पर खेती की जमीन का कोई कानूनी रिकॉर्ड नहीं है।
कई मामलों में जमीन परिवार के बुजुर्ग सदस्य के नाम पर दर्ज है, जबकि खेती कोई और कर रहा है और उसी आधार पर सरकारी सहायता ली जा रही है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने योजना में सख्ती करने का फैसला लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि पीएम किसान योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत वास्तविक किसानों को आर्थिक सहायता देना है, न कि अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाना। इसी वजह से भूमि स्वामित्व से जुड़े नियमों को और स्पष्ट किया गया है।
अब पीएम किसान योजना में क्या हुआ है बदलाव
नए नियमों के तहत अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके अपने नाम से जमीन की जमाबंदी दर्ज होगी और लगान रसीद भी उन्हीं के नाम से कटी होगी।
यदि जमीन दादा, परदादा या पिता के नाम पर है और किसान के नाम पर अभी तक कोई कानूनी दस्तावेज नहीं है, तो ऐसे मामलों में पीएम किसान की राशि नहीं दी जाएगी।
इस संबंध में अंचल कार्यालयों के सूचना पट पर भी आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है ताकि किसानों को समय रहते नए नियमों की जानकारी मिल सके और वे जरूरी प्रक्रिया पूरी कर सकें।
किसानों को अब क्या करना होगा
जो किसान अभी तक अपने परिजनों की जमीन पर खेती कर रहे हैं और उसी आधार पर पीएम किसान सम्मान निधि की राशि ले रहे हैं, उन्हें अब जल्द से जल्द जरूरी कदम उठाने होंगे।
किसानों को परिजनों की सहमति से भूमि का अलग जमाबंदी अपने नाम पर कराना होगा। इसके बाद अपने नाम से लगान रसीद कटवानी अनिवार्य होगी।
सरकार ने इसके लिए किसानों को मार्च 2026 तक का समय दिया है। अधिकारियों का कहना है कि तय समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर लेने पर किसानों को आगे भी पीएम किसान योजना का लाभ मिलता रहेगा।
मार्च 2026 के बाद क्या होगा
यदि कोई लाभुक किसान मार्च 2026 तक अपने नाम से जमाबंदी और लगान रसीद नहीं बनवाता है तो उसकी पीएम किसान सम्मान निधि की 6,000 रुपए सालाना सहायता राशि बंद हो जाएगी।
बाद में प्रक्रिया पूरी करने पर किसान को दोबारा आवेदन करना पड़ सकता है, जिसमें समय भी लगेगा और परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
इसी वजह से प्रशासन की ओर से किसानों को लगातार यह सलाह दी जा रही है कि वे आखिरी समय का इंतजार न करें और समय रहते अपने दस्तावेज दुरुस्त करा लें।
पात्र किसानों तक पहुंचे योजना का लाभ
सरकार का कहना है कि इस सख्ती का उद्देश्य किसी किसान को परेशान करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिले, जो वास्तव में इसके पात्र हैं।
नए नियम लागू होने से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर रोक लगेगी।
किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने कागजात समय पर अपडेट कराएं, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें योजना का लाभ लगातार मिलता रहे।
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