बागवानी किसानों और कृषि उद्यमियों को फसलोत्तर नुकसान से बचाने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, मध्य प्रदेश द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के अंतर्गत फसलोत्तर प्रबंधन (PHM) घटकों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के तहत पैक हाउस, कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग यूनिट सहित विभिन्न संरचनाओं पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
इन घटकों पर मिलेगी सब्सिडी
उद्यानिकी उप संचालक के.के. गिरवाल ने बताया कि योजना के अंतर्गत किसानों और उद्यमियों को निम्न घटकों पर अनुदान सहायता उपलब्ध कराई जाएगी—
1. फार्म गेट पैक हाउस: अधिकतम 25 लाख रुपये प्रति इकाई पर 50% अनुदान
2. इंटिग्रेटेड पैक हाउस: अधिकतम 160 लाख रुपये
3. कलेक्शन एग्रीगेशन सेंटर: अधिकतम 320 लाख रुपये
4. प्री-कूलिंग यूनिट: 5 लाख रुपये प्रति मीट्रिक टन
5. मोबाइल प्री-कूलिंग यूनिट: 30 लाख रुपये
6. कोल्ड रूम्स: अधिकतम 52 लाख रुपये
7. कोल्ड स्टोरेज (टाइप-1, 2 और 3): 35% तक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी
8. रेफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्ट वाहन: अधिकतम 31 लाख रुपये
9. रायपेनिंग चेम्बर (प्रेशराइज्ड/नॉन-प्रेशराइज्ड)
10. लो-कॉस्ट प्याज एवं लहसुन भंडारण
11. इंटिग्रेटेड सप्लाई चेन प्रोजेक्ट: अधिकतम 20 करोड़ रुपये की लागत पर 40% अनुदान
प्रोजेक्ट आधारित योजना, बैंक ऋण जरूरी
उप संचालक श्री गिरवाल ने बताया कि योजना के सभी घटक प्रोजेक्ट आधारित हैं। हितग्राही को बैंक से ऋण स्वीकृत होने पर ही बैंक एंडेड सब्सिडी का लाभ मिलेगा। योजना का संचालन NCCD गाइडलाइन के अनुसार किया जाएगा।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसानों एवं उद्यमियों को निम्न दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होग। इनमें विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR),. बैंक एप्राइजल रिपोर्ट एवं ऋण स्वीकृति पत्र, भूमि संबंधित दस्तावेज , केंद्र व राज्य सरकार से पूर्व में अनुदान न लेने का ₹100 स्टाम्प पर घोषणा पत्र, कोल्ड स्टोरेज/ रायपेनिंग चेम्बर के लिए भवन निर्माण अनुज्ञा प्रमाण पत्र, भारत सरकार के मानकों के अनुसार निर्माण का शपथ पत्र, चार्टर्ड इंजीनियर द्वारा तकनीकी डाटा/डिजाइन जैसे जरूरी दस्तावेज शामिल हैं।
ऑनलाइन आवेदन कहां करें
सभी इच्छुक आवेदक विभागीय पोर्टल www.mpfsts.mp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित दस्तावेज अपूर्ण या अपलोड न करने की स्थिति में आवेदन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
किसानों के लिए बड़ा फायदा
इस योजना से किसानों को अपनी उपज के भंडारण, ग्रेडिंग और मार्केटिंग की बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे फसल खराब होने से बचेगी, बिचौलियों पर निर्भरता घटेगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।
