मध्यप्रदेश कैबिनेट ने 16,720 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी जिसमें चना-मसूर खरीद, सिंचाई परियोजना और किसानों को MSP के तहत लाभ देने के बड़े फैसले शामिल है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 7 अप्रैल को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के विकास और जन-कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
राज्य सरकार ने शिक्षा, कृषि, सिंचाई और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कुल 16,720 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को मंजूरी दी है, जिससे प्रदेश की विकास गति को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
MSP पर चना और मसूर खरीद के लिए 7,050 करोड़ रुपए का प्रावधान
प्रदेश के किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रि-परिषद ने रबी वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) के लिए चना एवं मसूर के उपार्जन हेतु कुल 7,050 करोड़ रुपए की लागत राशि के लिए कार्यशील पूंजी की व्यवस्था की है।
- ऋण स्वीकृति: साथ ही आगामी 3 वर्षों के उपार्जन कार्य के लिए कुल 3,174 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- वित्तीय वर्ष वार बजट: रबी विपणन वर्ष 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए प्रति वर्ष 1,058 करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति या अग्रिम राशि विपणन संघ को दी जाएगी।
- मंडी शुल्क में छूट: सरकार ने चना और मसूर के उपार्जन पर मंडी शुल्क में पूरी तरह छूट देने का निर्णय लिया है।
प्राइस सपोर्ट स्कीम: दलहनी फसलों की खरीदी
सरकार ने यह भी तय किया है कि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत किसानों से चना और मसूर की खरीद की जाएगी।
इसके तहत चना के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत और मसूर का 100 प्रतिशत उपार्जन किया जाएगा।
इस व्यवस्था से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ सुनिश्चित होगा और बाजार में कीमतों की स्थिरता बनी रहेगी।
खास बात यह है कि इस उपार्जन पर मंडी शुल्क में छूट भी दी जाएगी, जिससे किसानों को अतिरिक्त फायदा मिलेगा।
मंदसौर में सिंचाई योजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने कृषि क्षेत्र के साथ-साथ सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने पर भी सरकार ने जोर दिया है। मंत्रि-परिषद ने मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को 88.41 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
इस परियोजना के माध्यम से भानपुरा तहसील के 12 गांवों में लगभग 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि होगी।
सरकार के इन फैसलों को प्रदेश में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, चना और मसूर की सुनिश्चित खरीद और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को स्थायी आय और बेहतर उत्पादन का लाभ मिलेगा।
