आज MP के 45 जिलों में आंधी बारिश का अलर्ट, जाने कब आयेगा मानसून

मध्य प्रदेश में इस बार नौतपा भीषण गर्मी के बजाय बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के लिए याद किया जाएगा।

पिछले आठ दिनों से सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के कारण पूरे प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है।

लगातार हो रही बारिश से कई शहरों के तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लू का प्रभाव समाप्त हो गया है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

नौतपा के अंतिम दिन मंगलवार को भी मौसम का यही रुख जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 45 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है।

धार और बड़वानी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि आगर-मालवा और राजगढ़ में ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है।

इसके अलावा कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।

 

प्रदेशभर में मेहरबान हुए बादल, कई जिलों में जोरदार बारिश

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को मौसम ने करवट ली और जमकर बारिश हुई। खंडवा, नीमच, पांढुर्णा, उज्जैन, गुना, शिवपुरी, टीकमगढ़ और सीहोर समेत कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई।

कई स्थानों पर पहले धूलभरी आंधी चली, जिसके बाद मूसलाधार बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया। हालांकि, खराब मौसम का असर किसानों और व्यापारियों पर भी पड़ा।

शाजापुर जिले की अकोदिया मंडी में खुले में रखी कृषि उपज बारिश में भीग गई, जिससे नुकसान की स्थिति बनी।

 

दिन और रात के तापमान में आई गिरावट, गर्मी से मिली राहत

लगातार हो रही बारिश और आसमान में छाए बादलों के कारण प्रदेशभर में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

खंडवा में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि पचमढ़ी में भी रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर सहित अधिकांश प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया।

कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस कम रहा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली।

 

मानसून की एंट्री में हो सकती है देरी

मध्य प्रदेश में इन दिनों प्री-मानसून गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं और पश्चिमी विक्षोभ समेत अन्य मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कई जिलों में बारिश का दौर जारी है।

हालांकि, मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है, जिसके चलते प्रदेश में इसकी आमद सामान्य समय से कुछ देर से होने की संभावना जताई जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः मानसून 15 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है, लेकिन मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए इस बार इसकी दस्तक 5 से 7 दिन विलंब से हो सकती है।

अनुमान है कि मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश करेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून की गति और सक्रियता के आधार पर इसकी संभावित तारीख में बदलाव भी संभव है।