उज्जैन में महकी स्ट्रॉबेरी, प्रयोग से उम्मीद जागी, कम लागत में मिला अधिक मुनाफा

मिस्र से मंगवाए पौधेः 3 लाख लागत, 5 लाख तक मुनाफा

जिले के कृषि विशेषज्ञ तेजराम नागर ने मालवा की मिट्टी में मिस्र की तकनीक से स्ट्रॉबेरी की सफल व्यावसायिक खेती की नींव रख दी है।

उन्होंने मिस्र से पौधे मंगवाए। ‘मदर प्लांट’ तकनीक का उपयोग कर अपने खेत को हाईटेक नर्सरी में बदल दिया। तेजराम ने भीषण गर्मी में पौधे लगाए।

निरंतर शोध व वैज्ञानिक प्रबंधन से देखभाल की। फलस्वरूप तीन महीने में एक-एक मदर प्लांट से 30-35 नए पौधे तैयार हो गए।

बीते साल सितंबर में लगभग एक एकड़ में 18 हजार पौधे रोपे गए। इसके 45-50 दिन में ही फसल के लिए तैयार हो गई।

खेती के लिए ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग पेपर तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

 

लागतः लगभग 3 लाख

(पौधे, ड्रिप सिस्टम, मल्चिंग, खाद, मजदूरी और पैकिंग सहित)

उत्पादनः प्रति पौधा 500-600 ग्राम

मुनाफे का गणित

सीजन की शुरुआत मेंः 300-350 रु./किलो दाम

वर्तमान में: 200-250 रुपए प्रति किलो

अनुमानित लाभः 4 से 5 लाख प्रति एकड़

 

विभागीय मार्गदर्शन

उद्यानिकी विभाग के उप संचालक पीएस कनेल, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी कृष्णकांत नरगावे, रविंद्र गंधारे के मार्गदर्शन से यह प्रयोग सफल रहा।

तेजराम के पॉलीहाउस फार्म में 25 से ज्यादा मजदूरों को रोजगार मिल रहा है।