विदिशा में केंद्रीय कृषि मंत्री ने लगाई ‘किसानों की पाठशाला’

ढाई एकड़ में भी होगी शानदार कमाई

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा के बेरखेड़ी जट्टू में लगाई अनोखी ‘किसानों की पाठशाला’।

जानें कैसे 49 एकड़ के मॉडल KVK, खेत बचाओ अभियान और एग्री क्लीनिक से बदलेगी देश के छोटे किसानों की तकदीर।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज 14 जून को विदिशा के बेरखेड़ी जट्टू में पारंपरिक राजनैतिक रैलियों की परिपाटी को बदलते हुए किसानों की एक अनूठी ‘पाठशाला’ लगाई।

लंबे स्वागत भाषणों और मंचीय औपचारिकताओं को दरकिनार कर, इस कार्यक्रम का सीधा फोकस ‘खेत और किसान’ पर रहा।

यहाँ देश के पहले मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के शिलान्यास के साथ विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के लिए वैज्ञानिक खेती का रोडमैप, ‘खेत बचाओ अभियान’ और आधुनिक कृषि मशीनरी की पूरी श्रृंखला लॉन्च की गई।

सहज अंदाज़ में संवाद करते हुए ‘शिवराज मास्साब’ ने स्पष्ट किया:

“यह कोई राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि खेती की क्लास है। हमारा संकल्प ढाई एकड़ जमीन वाले छोटे किसान को भी इंटीग्रेटेड फार्मिंग और नई तकनीक के सहारे सम्मानजनक आजीविका दिलाना है।”

 

मॉडल KVK: 49 एकड़ की जीवंत और आधुनिक प्रयोगशाला

बेरखेड़ी जट्टू में बनने वाला यह कृषि विज्ञान केंद्र 49 एकड़ जमीन पर फैला देश का अपनी तरह का पहला ‘मॉडल KVK‘ होगा।

केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि प्रशासनिक भवनों के निर्माण का इंतजार किए बिना, इसी खरीफ सीजन से प्रदर्शन प्लॉटों पर आधुनिक तरीके से खेती का काम शुरू कर दिया जाएगा।

इस मॉडल केंद्र के जरिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के 113 संस्थानों और देश भर के 1700 से अधिक KVK नेटवर्क की अत्याधुनिक रिसर्च को सीधे मोबाइल, लाइव डेमो और ट्रेनिंग के माध्यम से अंचल के किसानों तक पहुंचाया जाएगा।

 

वैज्ञानिक खेती का रोडमैप: छोटी जोत से बड़ी कमाई

जमीनों के लगातार होते बंटवारे पर चिंता व्यक्त करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि एक हेक्टेयर (ढाई एकड़) जमीन में भी अगर इंटीग्रेटेड फार्मिंग (एकीकृत कृषि) सही ढंग से की जाए, तो परिवार खुशहाल रह सकता है।

कैसे काम करेगा यह मॉडल फार्म?

मॉडल फार्म के जरिए किसानों को लाइव दिखाया जाएगा कि खेत के एक ही टुकड़े में:

  • अनाज, दलहन और तिलहन का उत्पादन।
  • उन्नत बागवानी (फल-सब्जी)।
  • पशुपालन, मछली-पालन, मधुमक्खी-पालन और मशरूम उत्पादन।

इन सभी घटकों को आपस में जोड़कर कम लागत में अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास की मिट्टी और पानी का वैज्ञानिक विश्लेषण कर फसल-पद्धति का विशेष रोडमैप तैयार किया गया है।

 

‘खेत बचाओ अभियान’ और फसल अस्पताल (एग्री क्लीनिक)

धरती माँ की उर्वरा शक्ति को बचाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर ‘खेत बचाओ अभियान’ का शिलान्यास किया। उन्होंने किसानों से अंधाधुंध रासायनिक खादों और कीटनाशकों का प्रयोग बंद करने की भावुक अपील की।

एग्री क्लीनिक और डिजिटल समाधान:

  • फसल का अस्पताल: विदिशा के इस मॉडल KVK में एक ‘एग्री क्लीनिक’ बनेगा। किसान अपनी फसल का रोगग्रस्त पत्ता, पौधा या मिट्टी का नमूना लाएंगे और वैज्ञानिक तुरंत बीमारी की पहचान कर उसका उपचार बताएंगे।
  • किसान सारथी हेल्पलाइन: पत्तों के पीले पड़ने से लेकर इल्ली लगने तक की समस्याओं के लिए 155261 हेल्पलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म काम करेगा।
  • स्मार्ट मोबाइल ऐप: एक ऐसा ऐप पेश किया जाएगा, जिससे खेत में खड़े-खड़े ही मिट्टी के पोषक तत्वों और आवश्यक यूरिया/DAP की मात्रा का पता चल सकेगा।

 

नकली खाद-बीज बेचने वालों को चेतावनी:

श्री चौहान ने सख्त हिदायत दी कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने किसानों से हमेशा पक्का बिल लेने और QR कोड से बीजों की प्रामाणिकता जांचने का आग्रह किया।

 

मशीन बैंक और फूड प्रोसेसिंग स्टार्टअप

छोटे और सीमांत किसानों की सुविधा के लिए KVK परिसर में मशीन बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी।

  • किराए पर मिलेंगी आधुनिक मशीनें: लेज़र लेवलर, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) मशीन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी महंगी तकनीकें अब किसानों को नाममात्र के किराए पर मिलेंगी।
  • वैल्यू एडिशन ट्रेनिंग: टमाटर और हरी सब्जियों के दामों में होने वाले उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए ग्रामीण युवाओं को फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और सीधे मार्केट लिंकेज की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे अपना स्टार्टअप शुरू कर सकें।

 

दलहन-तिलहन मिशन और MSP की गारंटी

देश को दालों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ को तेज किया जाएगा।

  • क्लस्टर आधारित खेती के लिए किसानों को प्रदर्शन प्लॉट हेतु मुफ़्त उन्नत बीज दिए जाएंगे।
  • केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसान जितना भी तुअर (अरहर), उड़द और मसूर पैदा करेंगे, सरकार उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर पूरा खरीदेगी।
  • जहाँ भी दलहन का उत्पादन अधिक होगा, वहाँ दाल मिल (Pulse Mill) लगाने के लिए सरकार 25 लाख रुपये तक की भारी सब्सिडी देगी।

 

एक जन-आंदोलन की शुरुआत

कार्यक्रम के समापन पर केंद्रीय मंत्री ने स्वयं को ‘बंजारे की तरह गाँव-गाँव किसानों को जगाने वाला’ बताते हुए सभी उपस्थित किसानों से हाथ उठवाकर धरती माँ की सेहत सुधारने और संतुलित खाद के उपयोग का संकल्प दिलवाया।

इस ऐतिहासिक कृषि पाठशाला में मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, राजस्व मंत्री करण सिंह, ICAR के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट सहित देश के शीर्ष कृषि वैज्ञानिक, इफको और धानुका जैसी प्रमुख संस्थाओं के विशेषज्ञ और हजारों प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।