गेहूं का दाना हुआ पतला, रंग भी फीका, 23 हजार किसानों ने दर्ज कराई शिकायतें

22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों पर डाला असर

मावठे की मार : बदनावर में सर्वाधिक नुकसान

मावठे की मार से खेतों में खड़े और कट चुके गेहूं का दाना पतला हो गया है, वहीं – रंग भी फीका है। मौसम खुलते ही किसानों ने कटाई शुरू की तो हकीकत सामने आई।

उन्होंने फसल नुकसानी को लेकर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर अपनी शिकायतें दर्ज कराई। जिले में 23 हजार किसानों ने 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र – से अधिक भूमि पर फसल प्रभावित होने का अनुमान लगाया है। ऐसे में मंगलवार से सर्वे शुरू होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

कृषि विभाग का कहना है कि सर्वे के बाद सही नुकसानी का पता लग पाएगा, हो सकता है यह नुकसान 23 – हजार हेक्टयेर से भी ज्यादा हो।

अब तक जो आकलन किया गया है इसमें बदनावर विकासखंड में सबसे ज्यादा नुकसान देखा जा रहा है।

धार जिले में 18 व 19 फरवरी को मावठे की बारिश से किसानों का काफी नुकसान हुआ है। फसलें हवा के कारण आड़ी पड़ जाने से फसल के दाने पर असर होगा। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

किसानों को कहना है दाने पर असर होने से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में परेशानी होगी। क्योंकि दाना सही मापदंड का नहीं होने से सरकार नहीं खरीदेगी।

ऐसे में अब बीमा कंपनी से ही उम्मीद है लेकिन यह क्लेम कब मिलेगा इसकी जानकारी भी नहीं है। ऐसे में किसान का आर्थिक रूप से नुकसान होगा।

 

गेहूं सुखाने के लिए गोदाम में डाला

इधर, मौसम खुलते ही किसानों ने पके हुए गेहूं की कटाई शुरू कर दी है। तिरला, सुलतानपुर, राईपुरिया सहित अन्य स्थानों पर कटाई शुरू हो चुकी है। जब गेहूं की कटाई हुई तो दाना गीला है। जिसे सुखाने के लिए किसानों ने गेहूं को गोदाम में डाल दिया है।

क्योंकि अगर किसान गेहूं को खुले में रखेगा तो मौसम की मार से ओर भी नुकसान हो सकता है। गेहूं गीला होने से उसका दाना पतला रह गया है।

 

क्वालिटी व उत्पादन में अंतर आएगा

भारतीय किसान संघ के अमोल पाटीदार ने बताया मावठे से किसानों का काफी नुकसान हुआ है। दाना दागी हो चुका है। वहीं पका हुआ गेहूं के दाना पतला रह गया है क्योंकि गेहूं गीला हो गया।

गेहूं गीला होने से कलर में फर्क आया है। वहीं कच्चे गेहूं में भी असर होगा। क्योंकि फसल आड़ी पड़ने से दाने पर प्रभाव होने के साथ ही क्वालिटी व उत्पादन दोनों में अंतर आएगा।

 

कुछ जगह बारिश हो सकती है

मौसम वैज्ञानिक डॉ. डीएस मंडलोई ने बताया कि मौसम अभी पूरी तरह नहीं खुला है। आगामी तीन दिन बादल छाए रहेंगे। इसमें कुछ स्थानों पर बारिश भी हो सकती है। ऐसे में किसानों को फसल बचाव के लिए खलियान में ढकने की व्यवस्था करना होगी।

साथ ही प्याज, लहसुन को भी ढंकने की व्यवस्था करना होगी। उन्होंने बताया कि प्याज की नई फसल व धनिया में फफूंद लगने की संभावना है। ऐसे में किसानों को दवाई का छिड़काव करना होगा।

आज से सर्वे शुरू होगा: मोहनिया

22 हजार हेक्टेयर से अधिक नुकसानी का अनुमान लगाया जा रहा है। किसानों ने बीमा क्लेम के लिए शिकायत दर्ज कराई है। मंगलवार से सर्वे शुरू होगा। –जीएस मोहनिया, उपसंचालक, कृषि विभाग

 

कहाँ कितना नुकसान का अनुमान
तहसील रकबा
धार 1800 हेक्टेयर
नालछा 800 हेक्टेयर
सरदारपुर 650 हेक्टेयर
बदनावर 13500 हेक्टेयर
मनावर 1900 हेक्टेयर
उमरबन 860 हेक्टेयर
धरमपुरी 410 हेक्टेयर
गंधवानी 830 हेक्टेयर
कुक्षी 790 हेक्टेयर
बाग़ 792 हेक्टेयर
डही 400 हेक्टेयर