मक्का (कॉर्न) की खेती सही तरीके से की जाए तो यह किसानों के लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकती है। यहां आसान और पूरी जानकारी दी गई है 👇
सही समय (बुवाई का समय)
- खरीफ फसल: जून–जुलाई (मानसून में)
- रबी फसल: अक्टूबर–नवंबर
- जायद फसल: फरवरी–मार्च
भूमि और तैयारी
- अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे बेहतर
- खेत की 2–3 बार जुताई करें
- आखिरी जुताई में पाटा लगाएं
बीज और मात्रा
- बीज दर: 18–25 किलो प्रति हेक्टेयर
- उन्नत किस्में: HQPM-1, NK-30, P-3396 आदि
बीज उपचार
बुवाई की विधि
- कतार दूरी: 60–70 सेमी
- पौधे की दूरी: 20–25 सेमी
- गहराई: 4–5 सेमी
खाद और उर्वरक
- नाइट्रोजन: 120–150 kg/हेक्टेयर
- फास्फोरस: 60–70 kg
- पोटाश: 40–50 kg
👉 गोबर खाद भी डालें (10–15 टन/हेक्टेयर)
सिंचाई और देखभाल
- 4–6 सिंचाई जरूरी
- फूल और दाना बनने के समय पानी बहुत जरूरी
खरपतवार और कीट नियंत्रण
- 20–25 दिन बाद निराई
- कीट: तना छेदक (stem borer) से बचाव करें
उत्पादन
- औसतन: 40–60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
- अच्छी देखभाल पर और ज्यादा उत्पादन संभव
निष्कर्ष: मक्का की खेती कम समय में ज्यादा उत्पादन देने वाली फसल है, सही तकनीक अपनाने पर किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है।
