बलराम कृषि महोत्सव
धार कृषि उपज मंडी में कृषक कल्याण वर्ष के तहत हुआ आयोजन, सीएम के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को लाइव सुना
धार. जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को बलराम महोत्सव का आयोजन किया गया।
कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनी भी लगाई गई थी।
कार्यक्रम को भाजपा जिलाध्यक्ष नीलेश भारती, जिपं सीईओ अभिषेक चौधरी सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
इस दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की आवश्यकता, उसके परिणाम स्वरूप खेत की मिट्टी और उत्पादन पर होने – वाले प्रभाव सहित अन्य बातें विस्तार से समझाई गई।
इस दौरान किसानों को बताया कि गया सरकार द्वारा खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है।
कार्यक्रम में बलराम महोत्सव का इंदौर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम के लाइव प्रसारण को दिखाया गया।
इसमें सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषकों के हित में ऋण जमा करने की अवधि अब 1 साल रहेगी, जिससे उनका मार्च माह में डिफॉल्टर होने का जोखिम खत्म हो जाएगा।
जून का लोन अगले जून तक चुका सकेंगे। इसके साथ कृषकों के हित में अन्य घोषणाएं भी की गई।
कृषि आधारित गीतों पर दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
शुक्रवार को मंडी में आयोजित महोत्सव कार्यक्रम में कृषि आधारित गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। वहीं कृषकों के मध्य नशा मुक्ति अभियान का संदेश भी प्रसारित किया गया।
इस दौरान वृहद प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसमें खेती किसानी के दौरान अतिरिक्त आय बढ़ाने के लिए कई तरह के स्टॉल लगे थे।
जिसमें मछली पालन सहित उत्पादन बढ़ाना, आधुनिक यंत्रों से खेती सहित अनुदान आधारित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने आयोजित कार्यक्रम के दौरान लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं विस्तार से जानकारी ली।
कार्यक्रम में एसपी सचिन शर्मा भी मौजूद थे। वहीं जिपं सीईओ अभिषेक सिंह ने किसानों को चिया सिड्स के उत्पादन के लिए इसे अपनाने का सुझाव दिया।
जिपं कृषि सभापति को नहीं दिया निमंत्रण, जताया विरोध
जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत की कृषि समिति के सभापति अशोक डावर को आमंत्रित नहीं किया गया।
कार्यक्रम की जानकारी के बाद डावर धार पहुंचे और कृषि विभाग के सामने सड़क पर जिपं के अन्य सदस्यों के साथ बैठकर विरोध दर्ज कराया।
मामले की जानकारी के बाद नायब तहसीलदार आशीष राठौर पहुंचे और समझाइश दी।
जिला कृषि अधिकारी चौरसिया को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने विभागीय त्रुटि के कारण आमंत्रण नहीं पहुंचने पर खेद प्रकट किया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
