एमपी में फिर सक्रिय होगा मानसून, दो जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी

मध्य प्रदेश में नौ दिन की सुस्ती के बाद मानसून फिर रफ्तार पकड़ने वाला है।

मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडोरी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 31 जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना है।

हालांकि प्रदेश में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

मध्य प्रदेश में करीब नौ दिन से थमा तेज बारिश का दौर अब फिर लौटने की तैयारी में है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बालाघाट और डिंडोरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा 31 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसके साथ ही प्रदेश के ऊपर तीन अलग-अलग मौसमीय तंत्र सक्रिय हैं।

19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।

 

आज कहां रहेगा बारिश का असर

बालाघाट और डिंडोरी में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, अनूपपुर और उमरिया में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

दूसरी ओर भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

 

विशेषज्ञ बोले- अगले कुछ दिन होंगे अहम

मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार प्रदेश में मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है, लेकिन बारिश की कमी कृषि और जल भंडारण के लिए चिंता का विषय है।

यदि बंगाल की खाड़ी से बन रहा नया कम दबाव का क्षेत्र मजबूत हुआ तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिर अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

 

35 जिलों में बारिश सामान्य से कम

प्रदेश के 35 जिले अभी भी सामान्य से कम बारिश वाले दायरे में हैं। इनमें पूर्वी और आदिवासी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

दूसरी तरफ भोपाल, इंदौर, देवास, हरदा, उज्जैन, राजगढ़, सीहोर, ग्वालियर समेत 20 जिलों में बारिश की स्थिति सामान्य या उससे बेहतर बनी हुई है।