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MP Weather : 7 संभागों में बारिश-तेज हवा, तापमान में परिवर्तन

पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से जबलपुर, रीवा और शहडोल, सागर में हल्की बारिश होने के आसार है।

यहां 30 से 50किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने-चमकने की संभावना है।

नर्मदापुरम और सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किमी की रफ्तार से हवा चल सकती है।

 

एक साथ कई सिस्टम एक्टिव

मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदल गया है, पिछले 24 घंटे में कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है।

वर्तमान में 3 सिस्टम एक्टिव है और पश्चिमी विक्षोभ का भी प्रभाव देखने को मिल रहा है, ऐसे में 31 मार्च से 2 अप्रैल तक प्रदेश में बारिश के आसार है।

मौसम विभाग ने आज शुक्रवार को 7 संभागों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

वही अप्रैल में फिर एक नया सिस्टम सक्रिय होने के संकेत है।अप्रैल के दूसरे हफ्ते से मौसम में फिर बदलाव आएगा और गर्मी बढ़ेगी।

 

आज 7 संभागों में बारिश का अलर्ट

एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से जबलपुर, रीवा और शहडोल, सागर में हल्की बारिश होने के आसार है।

यहां 30 से 50किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने-चमकने की संभावना है।

नर्मदापुरम और सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किमी की रफ्तार से हवा चल सकती है।

शहडोल, जबलपुर,  भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, सागर और इंदौर संभाग के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

इन संभागों के जिलों में कहीं-कहीं गरज चमक के साथ बौछारें और बिजली गिरने के आसार है, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेगी।

 

2 अप्रैल तक बारिश के आसार

एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, 31 मार्च को एक और पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव रहेगा। इसका असर 1-2 अप्रैल तक दिखाई दे सकता है।

31 मार्च को ग्वालियर में बादल छाने की संभावना है, जबकि भिंड, मुरैना, श्योपुर में बूंदाबांदी हो सकती है।

1 अप्रैल से आसमान साफ होगा, लेकिन 2 अप्रैल को नया पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है, जिसका असर तीन से चार अप्रैल के बीच दिखेगा।

शुक्रवार शनिवार को जबलपुर सहित संभाग के जिलों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना है।

एक साथ 3 सिस्टम एक्टिव

एमपी मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में 3 सिस्टम एक्टिव है।

एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के पास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना है।

वही एक ट्रफ लाइन भी वहां जुड़ी हुई है। दक्षिण–पश्चिम राजस्थान में भी एक चक्रवात बना हुआ है।

इसके अलावा उत्तर–पश्चिमी मध्य प्रदेश से लेकर दक्षिण तमिलनाडु तक भी एक ट्रफ लाइन बनी हुई है।

3 मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में नमी आने का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे बादल छाने, बारिश और ओलावृष्टि के आसार है।

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