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गेंदा फूल की कीमतों में कमी की वजह से फीकी रहेगी किसानों की दिवाली

 

त्योहारी सीजन में भी नहीं हो रही अच्छी आमदनी

 

एक तरफ बारिश के कारण फूल की खेती को नुकसान हुआ है तो दूसरी तरफ अन्य राज्यों से आने वाले फूलों से भी किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है.

कोरोना काल में इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रभावित थी.

इस वजह से किसानों ने स्थानीय बाजार की मांग को देखते हुए व्यापक तौर पर गेंदा फूल की खेती की थी.

 

पूरा देश दिवाली की तैयारी में लगा हुआ है और हर तरफ उमंग का माहौल है.

लेकिन गेंदा फूल की खेती करने वाले किसानों की दिवाली इस बार फीकी रहने वाली है.

त्योहारों के दौरान बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होने वाले इस फूल की कीमत इस वक्त मात्र 100 रुपए प्रति किलो है.

किसानों को त्योहार और शादियों के सीजन से अच्छी कमाई की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार स्थिति उलट है.

 

एक तरफ बारिश के कारण फूल की खेती को नुकसान हुआ है तो दूसरी तरफ अन्य राज्यों से आने वाले फूलों से भी किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है.

कोरोना काल में इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रभावित थी. इस वजह से किसानों ने स्थानीय बाजार की मांग को देखते हुए व्यापक तौर पर गेंदा फूल की खेती की थी.

लेकिन महामारी के कम होते असर को देखते हुए न सिर्फ ट्रांसपोर्ट को इजाजत दे दी गई है बल्कि अन्य राज्यों से आने वाले फूलों की मात्रा भी बढ़ा दी गई है.

 

पिछले साल एक किलो के मिलते थे 170 रुपए

गोवा में बड़े पैमाने पर किसान गेंदा फूल की खेती करते हैं. राज्य के एक किसान उदयसिंह राणे टाइम्स ऑफ इंडिया से बताते हैं कि इस बार हमें लाभ नहीं हो रहा है.

वे कहते हैं कि सरकार को इस मामले में दखल देने की जरूरत है.

राणे मांग करते हैं कि बागवानी निगम इसमें हस्तक्षेप करे और फूल की कीमतों का न्यूनतम मूल्य तय करे ताकि हमें वो भाव मिल सके, जिसके हम योग्य हैं.

 

दरअसल, गोवा की जलवायु और मिट्टी गेंदा फूल की खेती के लिए काफी अनुकूल है.

यहां पर अन्य फूलों की तुलना में यह आसानी से उगाया जा सकता है.

गोवा का गेंदा फूल अन्य जगह के गेंदा की तुलना में लंबी अवधि तक खराब नहीं होता है.

 

एक अन्य किसान गुरदास माझिक बताते हैं कि आखिरी समय में हुई बारिश से गेंदा फूल की आधी फसल बर्बाद हो गई है.

मैंने पैदावार को निकालने के लिए रेट कम करके 60 रुपए प्रति किलो कर दिया है.

पिछले साल तक हमें इसी फूल के लिए 170 रुपए प्रति किलो का भाव मिलता था.

 

खुदरा व्यापारी कमा रहे लाभ

कुछ किसानों ने पीले गेंदा फूल के साथ ही लाल गेंदा फूल की खेती की है.

कीट के कारण पीले गेंदा फूल की खेती प्रभावित हुई है, लेकिन लाल गेंदा फूल सुरक्षित है.

पीले गेंदा फूल के मुकाबले लाल गेंदा फूल की कीमत थोड़ी ज्यादा है, लेकिन इतनी नहीं कि किसान लाभ कमा सकें.

 

पणजी के एक फूल व्यापारी का कहना है कि किसानों को भले ही नुकसान हो रहा है लेकिन खुदरा व्यापारी अंतिम समय में दाम बढ़ाकर ग्राहकों से कुछ कमाई कर ले रहे हैं.

वे बताते हैं कि हम फिलहाल 130 रुपए प्रति किलो और 50 रुपए मीटर के हिसाब से फूल की बिक्री कर रहे हैं.

हालांकि त्योहारों के समय आखिरी क्षण में रेट 200 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना है.

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