बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलें
किसानों को हुए इस नुकसान की भरपाई तो नहीं की जा सकती है लेकिन सरकार किसानों के इस नुकसान को अपनी क्षमता के अनुसार कम करने का प्रयास जरूर कर रही है.
देश के ज्यादातर इलाकों में हो रही बेमौसम बारिश आम आदमी के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर कर रही है.
मानसून की शुरुआत से ही देश के ज्यादातर इलाकों में थोड़े-थोड़े दिनों के अंतराल में लगातार तेज बारिश हो रही है.
उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत में हो रही इस बेमौसम बरसात ने तैयार फसलों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है.
जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है.
दिल्ली के किसानों को मिलेगा प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये का मुआवजा
किसानों को हुए इस नुकसान की भरपाई तो नहीं की जा सकती है लेकिन सरकार किसानों के इस नुकसान को अपनी क्षमता के अनुसार कम करने का प्रयास जरूर कर रही है.
इसी कड़ी में दिल्ली सरकार ने शहर में खेती करने वाले किसानों के नुकसान को कम करने की दिशा में मुआवजे का ऐलान किया है.
दिल्ली सरकार ने कहा कि दिल्ली के जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई है, उन्हें 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा.
अरविंद केजरीवाल ने किसानों से कही ये बात
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा, ”किसानों की फसलें बे-मौसम बारिश से खराब हो गई हैं.
किसान दुखी हैं, आप दुखी मत हों. हमेशा की तरह सरकार आपके साथ है. बर्बाद हुई फसलों के लिए सरकार प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपए मुआवजा देगी.”
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश में दिल्ली सरकार अपने किसानों को सबसे ज्यादा मुआवजा दे रही है.
देवभूमि उत्तराखंड में भारी बारिश से हालात बिगड़े
देवभूमि उत्तराखंड और केरल, बेमौसम बारिश की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.
उत्तराखंड की बात करें तो यहां के कुमाऊं क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है.
सिर्फ कुमाऊं में ही भारी बारिश की वजह से कई लोगों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं.
राज्य में हो रही लगातार तेज बारिश की वजह से अभी तक 47 लोगों की जान जा चुकी है.
कुमाऊं के अलावा गढ़वाल में भी भारी नुकसान हुआ है.
उत्तराखंड में हो रही बारिश की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में कई मकान बारिश की वजह से ढहकर पानी में बह गए.
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