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अब युवा किसान उड़ाएंगे ड्रोन, कंपनियां गांव में जाकर खुद देंगी ट्रेनिंग

बस करना होगा ये काम

 

IoTechWorld एविगेशन के निदेशक दीपक भारद्वाज ने कहा कि हम कृषि-उद्यमियों की स्थापना करके ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजित करने में भी मदद करना चाहते हैं.

 

सिंजेंटा इंडिया प्रा. लिमिटेड (एसआईपीएल) ने देश भर के कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग का बढ़ावा देने के लिए आईओटीटेकवर्ल्ड एविगेशन के साथ साझेदारी की है.

खास बात यह है कि इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां ग्रामीण युवाओं को ट्रेनिंग देंगी.

इसके बाद उन्हें ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल के लिए तैयार कर रोजगार के अवसर सृजित करने पर काम करेंगी.

 

युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी

ये दोनों कंपनियों ने IoTechWorld की ड्रोन तकनीक का उपयोग करके विभिन्न भारतीय क्षेत्रों में सिंजेंटा-अनुमोदित कीटनाशकों के छिड़काव को बढ़ावा देने के लिए तीन साल के समझौता ज्ञापन पर सहमति जताई है.

शुरुआती दौर में 200 ग्रामीण बच्चों को प्रशिक्षित किया जाएगा और स्प्रे के लिए काम पर रखा जाएगा.

सिंजेन्टा इंडिया के एमडी और कंट्री हेड सुशील कुमार ने कहा कि 400 एकड़ से अधिक रकबे में गांव में युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी.

इसके बाद 20 फसलों के लिए डेटा अधिकारियों को प्रस्तुत किया गया.

 

सभी स्प्रे सेवाओं व उत्पादों का इस्तेमाल

सुशील कुमार ने कहा कि एग्रीबॉट, आईओटीटेक ड्रोन और सिंजेंटा की सभी स्प्रे सेवाओं व उत्पादों का इस्तेमाल किया जाएगा.

Syngenta और IoTech इस परियोजना में भाग लेने के लिए भारत के गांवों के 200 एग्री एंटरप्रेन्योर्स और उद्यमियों को एक साथ लाने के लिए मिलकर काम करेंगे.

Syngenta India Pvt Ltd के किसान केंद्रित पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख, सचिन कामरा के अनुसार, Syngenta ने पिछले साल 13 राज्यों में 17,000 किलोमीटर की यात्रा की.

इस दौरान ड्रोन से छिड़काव कर के किसानों के सामने प्रदर्शन किया.

साथ ही 15,000 किसानों तक अपनी पहुंच बनाने में भी कामयाबी हासिल की.

 

उपज बढ़ाने में मदद करना

वहीं, IoTechWorld एविगेशन के निदेशक दीपक भारद्वाज ने कहा कि हम कृषि-उद्यमियों की स्थापना करके ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजित करने में भी मदद करना चाहते हैं.

उन्होने कहा कि सिनजेन्टा के साथ हम किसानों को पौध संरक्षण रसायनों का अधिकतम लाभ उठाने, खर्च कम करने और उपज बढ़ाने में मदद करना चाहते हैं.

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