हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
WhatsApp Group Join Now

सागवान की खेती से आप भी बन सकते हैं करोड़पति

फॉलो करें ये तरीका

 

सागवान की खेती करके किसान भाई शानदार मुनाफा कमा सकते हैं.

कई बार तो ये मुनाफा करोड़ों में पहुंच जाता है. सागवान की लकड़ी का बाजार काफी बड़ा है.

बाजार में जितनी इस लकड़ी की मांग है, उसके मुकाबले आपूर्ति काफी कम है.

यही वजह है कि इस लकड़ी की कीमत अधिक होती है.

 

देशभर में पेड़ों की खेती किसानों के बीच बेहद तेजी से लोकप्रिय हो रही है.

कम लागत में बढ़िया मुनाफे के चलते किसान महोगनी, सफेदा जैसे पेड़ों की खेती करने की तरफ आकर्षित हो रहे हैं.

सागवान भी इसी श्रेणी का पेड़ है. इसकी खेती करके किसान कम वक्त में ज्यादा मुनाफा हासिल कर सकते हैं.

 

महंगी बिकती है सागवान की लकड़ियां

सागवान की लकड़ी का बाजार काफी बड़ा है. इसकी लकड़ियां बहुत महंगी कीमत पर बिकती हैं.

इनका इस्तेमाल मकानों की खिड़कियां, जहाज, नाव, दरवाजें आदि बनाने में किया जाता है.

दीमक नहीं खाने की वजह से ये लकड़ियां सालों साल  चलती रहती है.

 

इस तरह की मिट्टी में करें सागवान की खेती

सागवान की खेती के लिए सभी तरह की मिट्टी उपयुक्त है.

मिट्टी की पीएच वैल्यू 6.50 से लेकर 7.50 के बीच होनी चाहिए.

हालांकि, इसकी खेती के लिए धैर्य की बेहद आवश्यकता है.

अगर आपको तुरंत मुनाफा नहीं चाहिए.

 

ऐसे तैयार करें खेत

सागवान की खेती के लिए सबसे पहले खेत की जुताई करें और उसमें से खर-पतवार और कंकड़-पत्थर निकाल लें.

इसके बाद दो बार और जुताई करके खेत की मिट्टी को बराबर कर लें.

इसके बाद सागवान के पौधे जहां-जहां लगाने हैं, उन जगहों को चिन्हित कर लें.

इसके बाद उन जगहों पर गड्ढा खोद लें. कुछ दिन बाद इसमें खाद मिला दें. इसके बाद इसमें पौधा लगाएं.

 

कितने साल में तैयार हो जाता है पेड़?

पौधा लगाने के बाद आपको तकरीबन 10-12 सालों में मुनाफा मिलना शुरू होता.

एक एकड़ में सागवान के 400 पौधे लगाए जा सकते हैं.

 इस पेड़ की खेती में लागत की बात करें तो कुल तकरीबन 40 -45 हज़ार तक लागत आती है.

वहीं,  इससे कमाई की बात करें तो 1 पेड़ की कीमत बाजार में 40 हज़ार तक पहुंचती.

इस हिसाब से 400 पेड़ों से 1 करोड़ 20 लाख तक कमाई की जा सकती है.

यह भी पढ़े : किसानों को डबल तोहफा, अब रबी फसलों पर बढ़ाई गई MSP

 

यह भी पढ़े : 2 करोड़ किसानों को नहीं मिली पीएम किसान योजना की 12वीं किस्त

 

शेयर करें