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पानी में उगाएं पशुओं के लिए हरा चारा

 

दुग्ध उत्पादन क्षमता में होगी बढ़ोतरी और स्वस्थ रहेंगे जानवर

 

इस तकनीक का इस्तेमाल कर चारा उगाने के लिए आपको कुछ बातों का भी ध्यान रखना पड़ता है.

इसमें बिना कटा और साफ-सुथरे बीज का इस्तेमाल किया जाता है ताकि भरपूर गुणवत्ता वाला चारा पशुओं को मिल सके.

 

पशुपालक किसानों के लिए हरा चारा उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है. कृषि योग्य भूमि दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है और जो जमीन है उस पर भी अनाज, फल और सब्जियों का उत्पादन हो रहा है.

ऐसे में किसान अपने दुग्ध उत्पादक पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध कराने में दिक्कतों का सामना करते हैं.

लेकिन अब हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के जरिए किसान भाई पानी में हरा चारा उगा सकते हैं और यह मात्र 10 दिन में तैयार हो जाएगा.

 

इस विधि में मक्का के बीज से हाइड्रोपोनिक ट्रे में केवल पानी का छिड़काव कर चारा उगाया जा सकता है.

इस तकनीक का इस्तेमाल कर चारा उपजाने में काफी कम समय लगता है. किसान भाई मात्र 10 दिन में चारा प्राप्त कर सकते हैं.

हाइड्रोपोनिक तकनीक का इस्तेमाल कर खेती करना काफी महंगा होता है क्योंकि इसमें काफी लागत आती है.

लेकिन अब कम लागत में इसके लिए एक स्ट्रक्चर बनाकर चारा उगाया जा रहा है.

 

देसी सामान और तरीके से बनाया जाता है ग्रीन हाउस

स्थानीय सामान का इस्तेमाल कर कम लागत में ग्रीन हाउस तैयार कर किसान अब हाइड्रोपोनिक तकनीक से चारा उगा रहे हैं.

इस ग्रीन हाउस को बनाने में पुरानी टंकी का पानी इकट्ठा करने के लिए उपयोग किया जाता है.

इस ग्रीन हाउस को बनाने में बांस, लकड़ी, लोहे के पाइप या पीवीसी पाइप जैसी सामग्रियों को लगाया जाता है.

ट्रे स्टैंड बनाने के लिए बांस या पीवीसी पाइप को उपयोग में लाया जाता है.

 

इस तकनीक का इस्तेमाल कर चारा उगाने के लिए आपको कुछ बातों का भी ध्यान रखना पड़ता है.

इसमें बिना कटा और साफ-सुथरे बीज का इस्तेमाल किया जाता है. धूप में सुखाने के बाद बीज को पानी में डालकर हाथ से रगड़कर साफ कर लिया जाता है.

इसके बाद बीजों को पानी से भरी बाल्टी में डाला जाता है. पानी में डालने के बाद जो बीज तैरने लगते हैं, उनका उपयोग नहीं किया जाता.

 

किसान भाई को सलाह दी जाती है कि ऊपर की प्रक्रिया कनरे के बाद बाल्टी में 1 मिली लीटर हाइड्रोजन पैराऑक्साइट डाल दें.

इसके बाद जूट के बोरे में भरकर अंकुरण के लिए रख दें. जहां बोरा रखा गया है, वह जगह गर्म हो और वहां सफाई हो.

साथ ही अंधेरा भी होना चाहिए. बीज अंकुरित होने के बाद उन्हें ट्रे में रख दें. इसके 10 दिन बाद आपका चारा तैयार हो जाएगा.

 

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